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सीएम पुष्कर सिंह धामी के सरकारी आवास में बनेगा बेहद खास '3-B गार्डन', जानें क्या है इसका मतलब और क्यों है ये इतना खास

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद अनोखी और सराहनीय पहल की है। राजधानी देहरादून में स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर और सर्किट हाउस के भीतर अब एक विशेष प्रकार का '3-B गार्डन' आकार ले रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को परिसर में 'कृष्ण वट' का पौधा लगाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की औपचारिक शुरुआत की। इस गार्डन के माध्यम से मुख्यमंत्री आवास परिसर के भीतर पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों को एक नई ऊंचाई देने की तैयारी की जा रही है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

क्या है '3-B गार्डन' का अनोखा कॉन्सेप्ट और क्यों है यह बेहद खास?

राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस विशेष बगीचे का नाम '3-B गार्डन' इसके उद्देश्य को ध्यान में रखकर रखा गया है। यहाँ '3-B' का सीधा मतलब मधुमक्खी (Bees), तितली (Butterflies) और पक्षियों (Birds) से है। इस पूरे गार्डन को इस तरह से डिजाइन और विकसित किया जा रहा है जहां इन तीनों जीवों के संरक्षण, संवर्धन और उनके विकास के लिए सबसे अनुकूल माहौल मिल सके। सरकार की सोच के मुताबिक, इस परिसर में विशेष रूप से ऐसी पौधों की प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है जो बड़े पैमाने पर पराग कण (Pollen Grains) पैदा करती हैं और स्थानीय जैव विविधता को प्राकृतिक रूप से मजबूत करने में मददगार साबित होती हैं।

पूरी तरह से केमिकल-फ्री जोन रहेगा यह क्षेत्र, मधुमक्खी पालन को मिलेगा बढ़ावा

इस अनोखे '3-B गार्डन' की एक और सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह पूरी तरह से रसायनों से मुक्त होगा। प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Natural Ecosystem) को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए इस पूरे बगीचे और इसके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के रासायनिक कीटनाशकों या हानिकारक रसायनों के छिड़काव को पूरी तरह से प्रतिबंधित (Chemical-Free Zone) कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग को इसके साथ ही यह कड़ा निर्देश भी दिया है कि वे मुख्यमंत्री आवास परिसर और उसके आसपास के इलाकों में मधुमक्खी पालन की गतिविधियों को बड़े स्तर पर फैलाने के लिए एक मजबूत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें। इस पहल से जहां एक ओर पर्यावरण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता में भी प्रकृति के बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

सीएम के निर्देश पर उद्यान विभाग ने कसी कमर, लगाए जा रहे हैं ये खास पौधे

इस पर्यावरण-अनुकूल विजन को जमीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने गार्डन प्रभारी दीपक पुरोहित को विशेष निर्देश दिए थे। इसके बाद उद्यान विभाग ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया और बगीचे के अनुकूल सबसे सटीक और उपयोगी पौधों की प्रजातियों का चयन कर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का काम शुरू कर दिया गया है।

बगीचे की विविधता और जीवों के अनुकूल माहौल को बनाए रखने के लिए इसमें कई तरह के औषधीय, फलदार और छायादार पौधों का एक शानदार मिश्रण लगाया जा रहा है। इस लिस्ट में मुख्य रूप से जामुन, शहतूत, मोरिंगा (सहजन), कदंब, कपूर, गुड़हल, अमरूद, नीम, बांस, बॉटल ब्रश, टेकोमा, ज़िनिया, कॉसमॉस, पेंटास, मिल्कवीड, पैशन फ्लावर, हेमेलिया, इक्सोरा, लैंटाना, तुलसी, लैवेंडर, सूरजमुखी, रोजमेरी और पुदीना जैसी बेहतरीन वनस्पतियों की प्रजातियां शामिल हैं।

उच्च हिमालयी और पर्वतीय क्षेत्रों की मूल प्रजातियों से महकेगा परिसर

इस विशेष अभियान के तहत सिर्फ नए पौधे ही नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि परिसर के भीतर पहले से मौजूद पुराने और जीर्ण-शीर्ण हो चुके पेड़ों के आसपास भी नए पौधों को रोपने का काम किया जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल से ही इस परिसर में उच्च हिमालयी और उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की मूल और पारंपरिक प्रजातियों के पौधों को भी रोपा गया है, जिनमें बांज (ओक), बुरांश (रोडोडेंड्रोन), तेजपत्ता और पाया जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां शामिल हैं। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों के ये पौधे अब देहरादून की इस जलवायु में भी बेहद स्वस्थ तरीके से बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री आवास परिसर की प्राकृतिक सुंदरता तथा उसकी विशिष्ट पहचान को और ज्यादा निखार रहे हैं।

 

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