उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: कांग्रेस को लगा 50 साल पुराना झटका, वरिष्ठ नेता बसपा में शामिल; बदले समीकरण

उत्तराखंड में बड़ा सियासी उलटफेर: कांग्रेस को लगा 50 साल पुराना झटका, वरिष्ठ नेता बसपा में शामिल; बदले समीकरण

हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक बड़े राजनीतिक बदलाव ने नई चर्चा शुरू कर दी है। लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे वरिष्ठ नेता इरशाद अली अब बहुजन समाज पार्टी का हिस्सा बन गए हैं। नसीरपुर कला में आयोजित सदस्यता कार्यक्रम के दौरान बसपा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस फैसले के बाद क्षेत्र की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस छोड़ने की वजह क्या बताई?

करीब पांच दशक तक कांग्रेस में सक्रिय रहने वाले इरशाद अली ने पार्टी छोड़ने के बाद अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा से काम किया लेकिन समय के साथ समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्व मिलना कम हो गया। उनका आरोप था कि पार्टी में परिवारवाद बढ़ गया है और उन्हें तथा मुस्लिम समाज को वह सम्मान नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी। इसी कारण उन्होंने नई राजनीतिक राह चुनने का फैसला किया।

बसपा ने बताया संगठन के लिए मजबूत कदम

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने इरशाद अली के पार्टी में शामिल होने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी दलितों, पिछड़ों, किसानों, मजदूरों, अल्पसंख्यकों और सभी वर्गों के अधिकारों की बात करती है। उनके अनुसार पार्टी समाज में सम्मान और बराबरी की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इरशाद अली के अनुभव का लाभ हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड में संगठन को मिलेगा।

मायावती की नीतियों से प्रभावित होने की बात

बसपा में शामिल होने के बाद इरशाद अली ने उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उस समय कानून व्यवस्था बेहतर रही और किसानों तथा गरीबों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने बताया कि इन्हीं विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने बसपा का साथ चुना है।

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