चारधाम जाने से पहले जरूर जान लें ये नए नियम! केदारनाथ-यमुनोत्री रूट पर सीएम धामी के बड़े फैसले

चारधाम जाने से पहले जरूर जान लें ये नए नियम! केदारनाथ-यमुनोत्री रूट पर सीएम धामी के बड़े फैसले

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चारधाम यात्रा 2026 की प्रशासनिक और धरातलीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आला अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सहूलियत में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने मौसम के उतार-चढ़ाव, संवेदनशील भूस्खलन जोन, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन राहत अभियानों की 24 घंटे लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। यात्रा मार्गों पर दबाव घटाने के लिए बनाए गए होल्डिंग एरिया में पानी, बिजली, शेल्टर जैसी बुनियादी सुविधाएं चाक-चौबंद रखने और संवेदनशील पॉइंटों पर अतिरिक्त राहत दल व सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

यमुनोत्री में 500 मीटर पहले बनेगा नया घोड़ा पड़ाव, खरसाली से वैकल्पिक मार्ग की तैयारी

यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और संकरे रास्तों पर लगने वाले जाम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने धाम से लगभग 500 मीटर पहले एक और व्यवस्थित घोड़ा पड़ाव विकसित करने को कहा है, ताकि मंदिर के नजदीक भीड़ का दबाव कम हो सके। इसके साथ ही डंडी-कंडी सेवाओं के संचालन को नियमित करने, खरसाली से एक वैकल्पिक मार्ग तैयार करने और मुख्य पैदल ट्रैक पर श्रद्धालुओं तथा खच्चरों की आवाजाही को अलग-अलग लेन में बांटने के निर्देश दिए गए हैं। सूर्यकुंड क्षेत्र में भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया जाएगा।

घोड़े-खच्चरों की सेहत पर कड़ी नजर, केदारनाथ के चीरबासा और भैरव ग्लेशियर पर हाई अलर्ट

पैदल मार्गों पर संचालित होने वाले खच्चरों व घोड़ों के लिए तय किए गए पशु कल्याण मानकों के सख्त अनुपालन का आदेश दिया गया है। सीएम ने कहा कि पशुओं का नियमित हेल्थ चेकअप अनिवार्य रूप से हो और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए। पैदल ट्रैक्स की सुरक्षा को लेकर उन्होंने केदारनाथ मार्ग पर स्थित बेहद संवेदनशील चीरबासा और भैरव ग्लेशियर इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा आपात स्थिति के लिए रेस्क्यू टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।

गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग चौड़ीकरण में तेजी, स्यानाचट्टी और ज्योतिर्मठ-मारवाड़ी ट्रैक पर खास निगरानी

सड़क संपर्क को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री पैदल मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज करने के साथ-साथ गंगोत्री हाईवे पर गड्ढामुक्ति और सड़क चौड़ीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। लैंडस्लाइड के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर भूगर्भीय और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। विशेषकर स्यानाचट्टी क्षेत्र में हाई अलर्ट बनाए रखने और ज्योतिर्मठ (जोशीमठ)-मारवाड़ी मोटर मार्ग पर सुचारु व सुरक्षित यातायात प्रबंधन लागू करने को कहा गया है।

बदलते मौसम के बीच धामों में अलाव, पर्याप्त ऑक्सीजन और इमरजेंसी मेडिकल बैकअप

पहाड़ों में बदलते मौसम और गिरते तापमान को ध्यान में रखते हुए सीएम ने चारों धामों में श्रद्धालुओं के लिए अलाव और गर्म आश्रय की व्यापक व्यवस्था करने को कहा। विशेष तौर पर ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के रूटों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडरों और लाइफ सेविंग दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का टास्क स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है।

स्वच्छता पर जोर, लीद निस्तारण और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में इमरजेंसी कम्युनिकेशन

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों की गरिमा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे सफाई अभियान चलाने और घोड़ों-खच्चरों की लीद के वैज्ञानिक निस्तारण के निर्देश दिए। इसके अलावा सुगम दर्शन, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, निरंतर विद्युत आपूर्ति और शटल बसों की उपलब्धता बढ़ाने को कहा गया। जिन पहाड़ी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या आती है, वहां सैटेलाइट फोन व वायरलेस आधारित आपातकालीन संचार नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है।

हेलीकॉप्टर सेवाओं की ओवररेटिंग और ब्लैक मार्केटिंग पर कड़े एक्शन की चेतावनी

हेली सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने ऑपरेटरों को साफ चेतावनी दी कि टिकट केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही दिए जाएं। अनधिकृत टिकट बिक्री, धोखाधड़ी या तय किराए से अधिक वसूली की एक भी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि खराब मौसम के दौरान किसी भी हाल में जोखिम न लिया जाए और उड़ानों के संचालन में यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

50 लाख से अधिक भक्तों ने टेका मत्था, 66 लाख से पार हुआ कुल रजिस्ट्रेशन

समीक्षा बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार चारधाम यात्रा 2026 ने आस्था का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यात्रा के लिए अब तक कुल 66,07,749 श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं 14 सितंबर की शाम 7 बजे तक चारों धामों और हेमकुंड साहिब को मिलाकर 50,56,160 श्रद्धालु दर्शन संपन्न कर चुके हैं। तीर्थवार दर्शनार्थियों का आंकड़ा इस प्रकार रहा-

  • बदरीनाथ धाम: 17,36,619 श्रद्धालु

  • केदारनाथ धाम: 14,98,544 श्रद्धालु

  • गंगोत्री धाम: 7,89,773 श्रद्धालु

  • यमुनोत्री धाम: 7,08,407 श्रद्धालु

  • हेमकुंड साहिब: 3,22,817 श्रद्धालु

इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, गृह सचिव शैलेश बगौली समेत शासन, पुलिस और संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।