हरिद्वार जेल में बंदी और अब जमानत… उर्मिला सनावर को लेकर आया बड़ा अपडेट

हरिद्वार जेल में बंदी और अब जमानत… उर्मिला सनावर को लेकर आया बड़ा अपडेट

उत्तराखंड की चर्चित अभिनेत्री और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जानी जाने वाली उर्मिला सनावर को लेकर एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हरिद्वार के रोशनाबाद जिला कारागार में बंद उर्मिला सनावर को आखिरकार अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। लंबे समय से चल रही कानूनी खींचतान, सुनवाई की तारीखों के टलने और अभियोजन पक्ष की तीखी बहस के बीच हरिद्वार स्थित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने उर्मिला सनावर की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया है। 25 अक्टूबर से लगातार जेल की सलाखों के पीछे दिन काट रहीं उर्मिला की इस जमानत के बाद उनके समर्थकों और परिजनों ने राहत की सांस ली है। आइए जानते हैं कि उर्मिला सनावर की रिहाई कब होगी और आखिर क्या था वह पूरा मामला जिसके चलते उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ा था।

हरिद्वार कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन आज की रात भी काटनी होगी रोशनाबाद जेल में

अदालत से जमानत मंजूर होने के बावजूद उर्मिला सनावर को तुरंत जेल से रिहाई नसीब नहीं हो सकी है। सोमवार 2 नवंबर को हरिद्वार एसीजेएम कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों की लंबी दलीलें सुनने के बाद उर्मिला की जमानत याचिका स्वीकार तो कर ली, लेकिन अदालती कागजी कार्रवाई और जमानत बॉन्ड (Zamanat Bond) की प्रक्रिया समय पर पूरी न हो पाने के कारण उन्हें एक रात और रोशनाबाद जेल में ही बितानी पड़ रही है। कानूनी जानकारों और अधिवक्ताओं के अनुसार, मंगलवार 3 नवंबर को सुबह जमानती पेश करने और अदालत से रिहाई का परवाना (Release Warrant) जेल प्रशासन तक पहुंचने के बाद ही उर्मिला सनावर औपचारिक रूप से जेल के मुख्य द्वार से बाहर आ सकेंगी। इस फैसले के बाद जेल परिसर के बाहर उनके समर्थकों की हलचल तेज हो गई है।

25 अक्टूबर को सहारनपुर से हुई थी गिरफ्तारी, पूर्व विधायक की बेटी ने दर्ज कराया था मुकदमा

उर्मिला सनावर की इस पूरी कानूनी मुसीबत की शुरुआत पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद हुई थी। आरोप था कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, अश्लील और अमर्यादित टिप्पणियां करने के साथ-साथ व्हाट्सएप पर गंभीर धमकियां दी थीं। शिकायत मिलते ही हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली पुलिस हरकत में आई और प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उर्मिला के आवास पर दबिश देकर उन्हें 25 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था और कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रोशनाबाद जेल भेज दिया गया था।

अंकिता भंडारी प्रकरण और सीबीआई पूछताछ से जुड़ा रहा है उर्मिला का नाम

उर्मिला सनावर का यह मामला सिर्फ एक साधारण आपराधिक शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक तार भी काफी गहरे जुड़े रहे हैं। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड और उसमें आए वीआईपी (VIP) नाम के विवाद को लेकर भी उर्मिला सनावर लगातार बयानों और सोशल मीडिया वीडियोज के जरिए सुर्खियों में बनी हुई थीं। इस मामले में हाईकोर्ट और राज्य सरकार के रुख के बाद सीबीआई (CBI) की टीम भी सक्रिय हुई थी और हाल ही में सीबीआई ने उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी पूछताछ कर अहम जानकारियां जुटाई थीं। यही वजह रही कि उर्मिला की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड की सियासत में भी अचानक से बड़ा भूचाल आ गया था और विपक्षी दलों ने सरकार पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे।

उत्तराखंड से लेकर सहारनपुर तक 10 मुकदमों का सामना कर रहीं उर्मिला सनावर

कानूनी पचड़ों के लिहाज से उर्मिला सनावर की राहें इतनी आसान नहीं रही हैं। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे सहारनपुर, देहरादून और हरिद्वार की कोतवाली में उनके खिलाफ लगभग 10 अलग-अलग शिकायतें और मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामले सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों, वीडियो और मानहानि के आरोपों से जुड़े हुए हैं। हालांकि, हरिद्वार के इस ताजा मामले में जमानत मिलने से उन्हें एक बड़ी राहत जरूर मिली है। उनके वकील ने कोर्ट में तर्क दिया था कि उर्मिला के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित हैं और उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित करने की नीयत से फंसाया गया था, जिसे सुनते हुए कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली।

क्या जेल से बाहर आने के बाद उर्मिला फिर से उठाएंगी सियासी मुद्दे?

हरिद्वार जेल से उर्मिला सनावर की रिहाई की खबर सामने आते ही अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि बाहर आने के बाद उनका अगला कदम क्या होगा। अपनी बेबाक शैली और सोशल मीडिया पर तीखे वार करने के लिए जाने जाने वाली उर्मिला ने जिस तरह से अंकिता भंडारी मामले और राज्य के कई प्रशासनिक मुद्दों को उठाया था, उसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जेल की सलाखें उनके तेवरों को ठंडा कर पाई हैं या वे और अधिक आक्रामक रुख अपनाएंगी। बहरहाल, मंगलवार 3 नवंबर की सुबह उर्मिला सनावर के रोशनाबाद जेल से बाहर आने की उम्मीद है, जिसके बाद ही इस पूरे घटनाक्रम पर उनका पहला आधिकारिक बयान सामने आ सकेगा।