उत्तराखंड में मानसून का महा-अलर्ट: 3 नेशनल हाईवे समेत 96 सड़कें बंद, इन जिलों में सबसे ज्यादा आफत

उत्तराखंड में मानसून का महा-अलर्ट: 3 नेशनल हाईवे समेत 96 सड़कें बंद, इन जिलों में सबसे ज्यादा आफत

उत्तराखंड में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर आम लोगों की आवाजाही पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने कई पर्वतीय जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

96 सड़कें बंद, कई जिलों का संपर्क प्रभावित

बारिश और भूस्खलन की वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुल 96 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग, एक राज्य राजमार्ग, 21 मुख्य जिला मार्ग और 63 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। सबसे ज्यादा असर चमोली जिले में देखा जा रहा है, जहां 21 सड़कें बंद हैं। इसके बाद पिथौरागढ़ में 16, उत्तरकाशी में 15, रुद्रप्रयाग में 14 और टिहरी में 10 सड़कें बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोक निर्माण विभाग और बीआरओ की टीमें लगातार मलबा हटाने और रास्तों को दोबारा खोलने में जुटी हुई हैं ताकि यातायात जल्द सामान्य हो सके।

धारचूला में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश धारचूला में दर्ज की गई। यहां 114 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा मुनस्यारी, कपकोट, जानकी चट्टी, भटवाड़ी, टियूनी और नैनीताल समेत कई इलाकों में भी लगातार बारिश हुई है।

राजधानी देहरादून में सुबह से बादलों और धूप का सिलसिला जारी रहा। इससे उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दिन के दौरान एक-दो बार तेज बारिश होने की भी संभावना है।

नदियों का जलस्तर सामान्य, फिलहाल राहत

लगातार बारिश के बावजूद राहत की बात यह है कि राज्य की प्रमुख नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा, अलकनंदा, भागीरथी, यमुना, कोसी, रामगंगा, सरयू और गौला नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है।

प्रदेश के प्रमुख बैराज और जलाशयों में भी पानी सुरक्षित स्तर पर है। फिलहाल किसी भी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बनने के संकेत नहीं मिले हैं।

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