उत्तराखंड BJP में बड़ा बवाल! अपनी ही सरकार के मंत्री के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त अप्रत्याशित सियासी भूचाल आ गया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने अपनी ही सरकार के कैबिनेट मंत्री के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विभागीय योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इन तीखे आरोपों से आहत होकर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दो टूक कहा है कि यदि उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों में एक प्रतिशत भी सच्चाई साबित हो गई, तो वे न केवल अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देंगे बल्कि आत्महत्या तक कर लेंगे। मंत्री के इस बयान के बाद शासन से लेकर संगठन तक हड़कंप मच गया है।
चकराता क्षेत्र में योजनाओं को लेकर विवाद, मंत्री आवास पर धरना-प्रदर्शन
विवाद का केंद्र समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाएं और उनका आवंटन बना है। रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने देहरादून में कैबिनेट मंत्री के आवास के बाहर जमकर नारेबाजी और जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने चकराता क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर पहले विभागीय स्तर पर मंत्री से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। जब उनकी शिकायतों का कोई निस्तारण नहीं हुआ, तो वे मजबूर होकर अपनी ही सरकार के मंत्री के घर के बाहर धरने पर बैठ गए।
'बीजेपी कार्यकर्ताओं की अनदेखी, कांग्रेसियों को बांटा जा रहा लाभ'
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि योजनाओं में निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्राथमिकता देने के बजाय कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में विकासनगर से भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान की धर्मपत्नी और वरिष्ठ भाजपा नेत्री मधु चौहान भी शामिल हुईं, जिससे इस विवाद ने और बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया।
SCSP और TSP योजनाओं की सूची जारी होने के बाद गहराया विवाद
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, विवाद की असली शुरुआत 11 सितंबर को हुई जब विभाग द्वारा अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP) से संबंधित विकास परियोजनाओं की सूची जारी की गई। आरोप है कि इस सूची में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को दरकिनार कर दिया गया। इन आरोपों का कड़ा खंडन करते हुए मंत्री खजान दास ने कहा कि वे किसी एक विधानसभा या वर्ग विशेष के नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के मंत्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग को जिन-जिन क्षेत्रों से नियमानुसार प्रस्ताव प्राप्त हुए, उन्हीं के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
राजपुर से विधायक हैं खजान दास, सरकार में बड़ा दलित चेहरा
खजान दास वर्तमान में देहरादून की राजपुर विधानसभा सीट से भाजपा के वरिष्ठ विधायक हैं और उत्तराखंड भाजपा में एक मजबूत दलित चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। वे प्रदेश सरकार में समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं। मार्च 2026 में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था। अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके खिलाफ मोर्चा खोले जाने और मंत्री के तीखे पलटवार के बाद अब यह मामला पार्टी हाईकमान के पाले में पहुंचता दिख रहा है।