पानी इस्तेमाल करते ही शरीर पर दाने, उत्तरकाशी के गांव में मचा हड़कंप

पानी इस्तेमाल करते ही शरीर पर दाने, उत्तरकाशी के गांव में मचा हड़कंप

उत्तराखंड के सीमांत उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी ब्लॉक स्थित भंगेली गांव में दूषित पेयजल ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई नई पेयजल लाइन से जुड़े स्रोत का पानी इस्तेमाल करते ही गांव के लोगों के चेहरों पर अचानक अजीबोगरीब फोड़े-फुंसियां और दाने निकलना शुरू हो गए हैं।

इस रहस्यमय संक्रमण की सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं और छोटे बच्चे हो रहे हैं। त्वचा पर तेजी से फैल रहे इन दानों के कारण तेज जलन, खुजली और असहनीय दर्द के साथ मरीजों को तेज बुखार भी आ रहा है, जिससे पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल है। ग्राम प्रधान द्वारा मामले की लिखित शिकायत जिला प्रशासन को भेजने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची है।

ग्राम प्रधान ने डीएम को लिखा पत्र, जल जीवन मिशन के नए स्रोत की जांच की मांग

भंगेली के ग्राम प्रधान संदीप ने रविवार को जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की गुहार लगाई है। प्रधान ने स्पष्ट किया कि गांव में यह विकट समस्या तभी से शुरू हुई है जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव की मुख्य पेयजल पाइपलाइन को एक नए जल स्रोत से जोड़ा गया है।

ग्रामीणों का साफ तौर पर मानना है कि नए स्रोत का पानी पूरी तरह संक्रमित है और उसी के इस्तेमाल से यह बीमारी फैली है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित पेयजल स्रोत के पानी की तत्काल लैब जांच कराई जाए ताकि संक्रमण के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

स्वच्छता समिति की आपात बैठक: 20 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे चपेट में

रविवार को भंगेली गांव में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की एक आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य संकट पर गहरी चिंता जताई। बैठक के दौरान दर्ज आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में गांव के 20 से ज्यादा बच्चे और महिलाएं इस गंभीर त्वचा संक्रमण की जद में आ चुके हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते नए जल स्रोत की सप्लाई बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो यह संक्रामक बीमारी पूरे इलाके में फैल सकती है।