तीन घाटियां दुनिया से कटीं! धारचूला में भूस्खलन के बाद राशन-दवाइयों की सप्लाई पर संकट

तीन घाटियां दुनिया से कटीं! धारचूला में भूस्खलन के बाद राशन-दवाइयों की सप्लाई पर संकट

उत्तराखंड के सीमांत धारचूला क्षेत्र में मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

धारचूला क्षेत्र में तवाघाट-सोबला मोटर मार्ग पर कनच्योति के पास भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर आने के कारण रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है। इसके साथ ही चौदास घाटी के बलमी और व्यास घाटी में मलघाट के नजदीक भी लैंडस्लाइड की वजह से मार्ग ठप पड़े हैं, जिससे दारमा, व्यास और चौदास जैसी महत्वपूर्ण घाटियों का सीधा संपर्क तहसील मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।

बड़ा हादसा टला, कनच्योति के पास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहा

मिली जानकारी के अनुसार, कनच्योति के पास अचानक पहाड़ी का एक बहुत बड़ा हिस्सा दरककर सीधे सड़क पर आ गिरा, जिससे पूरा मार्ग मलबे की मोटी परत से पट गया। गनीमत यह रही कि जिस वक्त यह भयानक भूस्खलन हुआ, उस समय सड़क पर किसी वाहन की आवाजाही नहीं हो रही थी, वरना एक बहुत बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण सड़क के दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और तमाम यात्री बीच रास्ते में ही फंसकर लाचार हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण वहां फंसे लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।

राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट, ग्रामीणों की बढ़ी चिंता

इन तीनों प्रमुख घाटियों का संपर्क कट जाने की वजह से सीमांत क्षेत्रों में बसने वाले गांवों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों में इस बात का डर सता रहा है कि यदि रास्ता जल्द नहीं खुला, तो गांवों में राशन, जीवन रक्षक दवाइयों और अन्य जरूरी रोजमर्रा के सामान की आपूर्ति ठप हो जाएगी। इसके अलावा सबसे बड़ी चिंता आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस दौरान कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाए या किसी को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत आन पड़े, तो ऐसे में मरीज को धारचूला तक लाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

प्रशासन और कार्यदायी संस्थाएं मुस्तैद, लगातार गिरते पत्थरों से राहत कार्य में बाधा

हालात की गंभीरता को देखते हुए धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने तुरंत संज्ञान लिया है और सड़कों को सुचारू करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि, मैदानी इलाकों की तरह पहाड़ी क्षेत्र में राहत कार्य करना आसान नहीं होता है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी से अभी भी रुक-रुककर गिर रहे पत्थरों के कारण मलबा हटाने के काम में भारी बाधा आ रही है। प्रशासन ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों व यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और ऐसे संवेदनशील तथा खतरनाक मार्गों पर जाने से पूरी तरह बचें।