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Up Kiran, Digital Desk: दक्षिण भारत का केरल इन दिनों एक ऐसे स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है जिसने आम नागरिकों की दिनचर्या और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेपेटाइटिस A के तेजी से बढ़ते मामलों ने गांव से शहर तक चिंता बढ़ा दी है। सरकारी रिपोर्ट बताती है कि अब तक 31,536 लोग इस संक्रमण से प्रभावित हुए हैं और 82 लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पेयजल और कमजोर स्वच्छता व्यवस्था ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

जनता क्यों है सबसे ज्यादा प्रभावित

इस संक्रमण का सबसे बड़ा बोझ आम लोगों पर पड़ा है। जिन इलाकों में सुरक्षित पानी की उपलब्धता कम है वहां परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और दिहाड़ी मजदूर सबसे अधिक जोखिम में बताए जा रहे हैं।

हेपेटाइटिस A क्या होता है

हेपेटाइटिस A एक वायरल रोग है जो लिवर को प्रभावित करता है। यह हेपेटाइटिस A वायरस के कारण होता है जो शरीर में पहुंचकर लिवर में सूजन पैदा करता है। समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।

संक्रमण फैलने का तरीका

यह बीमारी मुख्य रूप से गंदे भोजन और पानी के जरिए फैलती है। जब किसी संक्रमित व्यक्ति के मल से दूषित चीजें खाने या पीने में आ जाती हैं तो वायरस तेजी से फैलता है। खुले जल स्रोत और खराब शौचालय व्यवस्था इसके प्रसार को बढ़ावा देते हैं।

किन लक्षणों पर न करें अनदेखी

संक्रमण के कुछ सप्ताह बाद इसके संकेत दिखने लगते हैं।

लगातार कमजोरी और थकान महसूस होना

पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द

आंखों और त्वचा का पीला पड़ना

उल्टी आना भूख न लगना और पेशाब का रंग गहरा होना

हल्का बुखार जोड़ों में दर्द और त्वचा में खुजली

बचाव ही सबसे कारगर उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि सावधानी बरतकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

हेपेटाइटिस A का टीका लगवाना सबसे सुरक्षित कदम है

केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं

अधपका भोजन और कच्चा सीफूड खाने से बचें

खाने से पहले और शौच के बाद हाथ साबुन से धोएं

निजी उपयोग की वस्तुएं किसी और के साथ साझा न करें