Up Kiran, Digital Desk: जनसुराज पार्टी के निर्माता और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के बारे में राजनीतिक हलकों में फिर से चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में कांग्रेस की प्रमुख नेता प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से उनकी मुलाकात के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रशांत किशोर कांग्रेस (Congress) में शामिल होने जा रहे हैं। यह मुलाकात उस समय हुई जब बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के परिणामों ने कई राजनीतिक समीकरणों को बदल कर रख दिया है।
बिहार चुनाव के बाद बदलते संकेत
बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक था। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई और 238 में से 236 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इस नतीजे ने प्रशांत किशोर की रणनीति और भविष्य के प्लान पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, कांग्रेस का भी प्रदर्शन कमजोर रहा। पार्टी केवल 61 सीटों में से 6 सीटें जीत सकी, जबकि 2020 के चुनाव में उसे 19 सीटें मिली थीं। इस स्थिति में यह माना जा रहा है कि दोनों पक्ष अपने-अपने संकटों से बाहर निकलने के लिए नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी से मुलाकात का क्या मतलब है?
प्रशांत किशोर और प्रियंका गांधी की यह मुलाकात बिहार चुनाव के लगभग एक महीने बाद हुई, जिस वजह से इसे सिर्फ राजनीतिक शिष्टाचार नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात नए अवसरों को समझने और भविष्य की रणनीति पर विचार करने का एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। हालांकि कांग्रेस के सूत्र इसे साधारण राजनीतिक चर्चा बता रहे हैं, लेकिन अंदर ही अंदर इसे प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
गांधी परिवार से पुराना संबंध
प्रशांत किशोर और गांधी परिवार के बीच पहले से ही रिश्ते रहे हैं। 2021 में जेडीयू से निष्कासन के बाद किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क किया था और पार्टी को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत योजना दी थी। अप्रैल 2022 में सोनिया गांधी के घर हुई बैठक में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
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