शादी के महज 3 हफ्ते बाद लड़की की बेरहमी से हत्या, भाई ने ही....
पड़ोसी देश पाकिस्तान से एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर देने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने समाज की रूढ़िवादी सोच और क्रूरता की सारी हदें पार कर दी हैं। पाकिस्तान में तथाकथित 'ऑनर Killing' यानी इज्जत के नाम पर हत्या का एक और खौफनाक मामला प्रकाश में आया है, जहां शादी के महज तीन हफ्ते बाद ही एक 18 साल की नवविवाहिता को मौत के घाट उतार दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस जघन्य अपराध को किसी और ने नहीं बल्कि खुद सगे भाई ने अंजाम दिया है। परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर अपनी पसंद से शादी करने के जुर्म में इस मासूम लड़की की जान ले ली गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आइए जानते हैं इस दिल को झकझोर देने वाली घटना की पूरी और दर्दनाक दास्तान को विस्तार से।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका आयशा (बदला हुआ नाम) ने कुछ ही हफ्ते पहले अपने परिवार की रजामंदी के बिना अपनी मर्जी से एक युवक के साथ निकाह किया था। इस प्रेम विवाह से उसका परिवार और विशेषकर उसका भाई बुरी तरह से नाराज था। घटना से कुछ दिन पहले ही परिवार के लोगों ने सुलह-सफाई के बहाने या बातचीत के नाम पर उस 18 वर्षीय नवविवाहिता को उसके ससुराल से वापस मायके बुलाया था। लड़की को यह बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जिस घर में उसका लालन-पालन हुआ है, वही मायका उसके लिए मौत का कुआं बन जाएगा। मायके पहुंचते ही उसके ऊपर पारिवारिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का दबाव बनाया गया और जब उसने अपने फैसले पर अडिग रहने की बात कही, तो उसके खिलाफ एक खौफनाक साजिश रची गई।
मामले की जांच कर रही स्थानीय पुलिस के अनुसार, जब लड़की अपने मायके में थी, तो उसके सगे भाई ने गुस्से और तथाकथित पारिवारिक अहंकार में आकर उस पर गोलियां बरसा दीं। भाई ने एक के बाद एक कई गोलियां अपनी ही बहन के सीने में उतार दीं, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई मौके से फरार होने की फिराक में था, लेकिन स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। इस निर्मम हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पितृसत्तात्मक सोच और रूढ़िवादी परंपराओं की आड़ में महिलाओं की जिंदगी की कोई कीमत नहीं समझी जाती है, और अपनों के हाथों ही अपनों का कत्ल कर दिया जाता है।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में 'ऑनर किलिंग' यानी ऑनर मर्डर की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन हर गुजरते दिन के साथ इनकी क्रूरता बढ़ती जा रही है। मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर साल सैकड़ों महिलाओं को केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया जाता है कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की या अपनी पसंद का जीवन साथी चुना। हालांकि कागजों पर कानून बहुत सख्त हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लचर पुलिसिया तंत्र, सामाजिक दबाव और कई मामलों में खाप पंचायतों या परिवारों के प्रभाव के कारण अपराधियों को खुला संरक्षण मिल जाता है। यही वजह है कि इस तरह के बर्बर अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और आए दिन मासूम लड़कियों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।
इस ताज़ा घटना के सामने आने के बाद देश-विदेश के तमाम महिला अधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक समाज में महिलाओं को बराबरी का हक और अपनी मर्जी से जीने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, तब तक इस तरह की पाशविक घटनाएं होती रहेंगी। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर भारी रोष देखा जा रहा है, जहां लोग आरोपी भाई और इस साजिश में शामिल अन्य पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शादी के महज 21 दिन के भीतर एक 18 साल की लड़की का यूं कत्ल किया जाना पूरी मानवता के मुंह पर एक बड़ा तमाचा है, जो यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम किस अंधकारमय युग की तरफ बढ़ रहे हैं।