35,000 फीट ऊपर कॉकपिट में खूनी खेल: जब प्लेन सीधे नीचे गिरने लगा, तब इस प्लंबर ने ऐसे बचाई 174 जिंदगियां
दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 अक्टूबर को ऐसा वाकया हुआ, जिसने यात्रियों की सांसें थाम दीं। कथित तौर पर कॉकपिट के भीतर ही को-पायलट ने कैप्टन पर हमला कर दिया और बोइंग 737 तेज़ी से नीचे गिरने लगा। ऐसे में एक आम यात्री, पेशे से प्लंबर यानिव हायून, आगे आए और हालात संभालने में बड़ी भूमिका निभाई।
कॉकपिट में क्या हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में चाकू से वार किया गया। घायल होने के बावजूद वे कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में कामयाब रहे, जिससे केबिन में मौजूद लोग अंदर पहुंच सके। तब तक विमान की altitude तेज़ी से घट रही थी।
यानिव हायून ने कैसे संभाला मोर्चा?
दरवाज़ा खुलते ही यानिव कॉकपिट की ओर दौड़ पड़े। उनके अनुसार, उन्होंने कथित हमलावर को चोकहोल्ड में लेकर कंट्रोल पैनल से दूर खींचा। कुछ और यात्री भी मदद के लिए आ गए और सबने मिलकर उसे काबू किया।
इसके बाद यानिव ने फ्लाइट डेक पर लौटकर कंट्रोल स्टिक को पीछे की ओर खींचा, ताकि प्लेन का डाइव रुके। विमान धीरे-धीरे लेवल होने लगा। तभी फ्लाइट में मौजूद एक off-duty पायलट ने कमान अपने हाथ में ले ली।
तबुक में सेफ लैंडिंग
ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से FZ1073 को डायवर्ट कर सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया गया। यात्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को अफरा-तफरी भरा संघर्ष बताया, जिसमें कैप्टन, क्रू, पैसेंजर्स और off-duty पायलट सबकी भूमिका रही।
"मैं 'मेडे' देखता हूं": नेतन्याहू से मुलाकात
इज़राइल लौटने के बाद यानिव ने PM बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। नेतन्याहू ने उन्हें गले लगाया और उनकी बहादुरी की तारीफ की। खास बात यह रही कि यानिव उसी शर्ट में पहुंचे थे, जो हमले के वक्त पहनी थी, और उस पर खून के निशान साफ दिख रहे थे।
जब नेतन्याहू ने पूछा कि उन्हें कैसे पता था कि क्या करना है, तो यानिव का जवाब था, "मैं 'मेडे' (Mayday) देखता हूं।" यह एयर क्रैश पर बनी मशहूर documentary series है। उनके मुताबिक, इसे देखते-देखते उन्हें इतना अंदाज़ा हो गया था कि इमरजेंसी में प्लेन को ऊपर उठाने के लिए कंट्रोल पीछे खींचना होता है।
Donald Trump ने भी की तारीफ
US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भी यानिव की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिसने कभी विमान नहीं उड़ाया, उसने कंट्रोल स्टिक खींचकर क्रैश से ठीक पहले प्लेन को सीधा कर दिया। मज़ाकिया अंदाज़ में उन्होंने जोड़ा कि दिनभर पाइप उठाने से इंसान मजबूत हो जाता है, और यह उन्हें "सबसे अद्भुत कहानी" लगती है।
कौन हैं यानिव हायून?
यानिव हायून इज़राइली नागरिक और पेशे से प्लंबर हैं। वे फ्लाइट क्रू का हिस्सा नहीं थे, बल्कि एक सामान्य passenger थे। संकट के समय आगे आने के कारण अब उन्हें सोशल मीडिया पर "global hero" कहा जा रहा है।