Arunachal Pradesh Row: अरुणाचल पर भारत के कड़े रुख से तिलमिलाया ड्रैगन, भारत की हर कूटनीतिक चाल ने कैसे उड़ाई बीजिंग की नींद?

Arunachal Pradesh Row: अरुणाचल पर भारत के कड़े रुख से तिलमिलाया ड्रैगन, भारत की हर कूटनीतिक चाल ने कैसे उड़ाई बीजिंग की नींद?

भारत और चीन के बीच सीमाई तनाव और भू-राजनीतिक मोर्चे पर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत की सख्त और दो टूक रणनीतिक नीतियों ने ड्रैगन की नींद उड़ा दी है। चीन हमेशा से अरुणाचल प्रदेश पर अपना मनगढ़ंत दावा जताने के लिए ओछी हरकतें करता रहा है, लेकिन भारत के करारे और सटीक जवाबों ने उसकी हर चाल को पूरी तरह फेल कर दिया है। भारत के कूटनीतिक और सामरिक कदमों से बौखलाया चीन अब इसे अंतर्राष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताकर रोना रो रहा है, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि भारत के एक के बाद एक मास्टरस्ट्रोक से बीजिंग पूरी तरह घबरा गया है।

ड्रैगन की हर गीदड़ भभकी को भारत का करारा जवाब

चीन अक्सर अरुणाचल प्रदेश के इलाकों के फर्जी नाम बदलने या कूटनीतिक स्तर पर अनर्गल दावे करने जैसी हरकतें करता रहता है। भारत ने इन हरकतों को सिरे से खारिज करते हुए हमेशा यह स्पष्ट किया है कि कागजी ड्रैगन के ढकोसलों से ऐतिहासिक और भौगोलिक सच कभी नहीं बदला जा सकता। भारतीय विदेश मंत्रालय ने हर बार ड्रैगन को दो टूक शब्दों में समझाया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। भारत के इस सख्त और अडिग रवैये को ही कूटनीतिक हलकों में बड़ा झटका माना जा रहा है, जिससे चीन की सारी चालें धरी की धरी रह जाती हैं।

सीमा पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से सहमा चीन

सिर्फ कूटनीति ही नहीं, बल्कि ज़मीन पर भी भारत ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं जिससे चीन की सिट्टी-पिट्टी गुल हो गई है। वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत ने सड़कों, सुरंगों, एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स और सामरिक बंकरों का ऐसा मजबूत जाल बिछा दिया है कि भारतीय सेना अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पलक झपकते ही तैयार रहती है। आधुनिक परियोजनाओं और फॉरवर्ड बेस पर अत्याधुनिक हथियारों की तैनाती ने ड्रैगन के माथे पर गहरी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पहले चीन जिस रास्ते अपनी दादागिरी दिखाने की सोचता था, आज उसी सीमा पर भारतीय सेना की मजबूत चौकसी ने उसकी बोलती पूरी तरह बंद कर दी है।

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मात और वैश्विक समर्थन

जब भी चीन ने अरुणाचल के नागरिकों या यात्रियों के पासपोर्ट और ट्रांजिट को लेकर अड़ंगा डालने की कोशिश की, भारत ने वैश्विक मंचों पर उसे करारा जवाब दिया है। अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर भारतीय नागरिकों के अधिकारों के हनन के मामलों में भारत सरकार ने जिस आक्रामक कूटनीतिक शैली का परिचय दिया है, उसने चीन को रक्षात्मक मुद्रा में आने पर मजबूर कर दिया है। आधुनिक एआई सर्च, डिजिटल कूटनीति और वैश्विक जनमत के दौर में चीन का यह पुराना दुष्प्रचार अब दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, यही वजह है कि ड्रैगन की हर बौखलाहट अब केवल कागजी बयानों तक ही सिमट कर रह गई है।