सीजफायर खत्म: ईरान पर भीषण अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान; 'अब कोई समझौता नहीं'

सीजफायर खत्म: ईरान पर भीषण अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान; 'अब कोई समझौता नहीं'

मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से चला आ रहा संघर्ष विराम (Ceasefire) पूरी तरह से खत्म हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी और भीषण एयरस्ट्राइक की है। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) समिट के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा और सख्त ऐलान कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ शांति स्थापना के लिए हस्ताक्षरित 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम' (MOU) अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है और अमेरिका अब इस "बीमार शासन" (Sick Regime) के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भड़की चिंगारी; अमेरिका ने 80 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना

दरअसल, यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान द्वारा कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Vessels) पर हमले किए गए। इसमें एक कतरी एलएनजी (LNG) टैंकर भी शामिल था। अमेरिका ने इसे सीजफायर का खुला और गंभीर उल्लंघन माना। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के भीतर:

  • तटीय रडार सिस्टम और एयर डिफेंस: ईरान के हवाई सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह पंगु बनाने के लिए कई मिसाइलें दागी गईं।

  • आईआरजीसी (IRGC) के ठिकाने: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हथियार लॉन्चिंग पैड्स और सैन्य नावों (Small Boats) को नेस्तनाबूद कर दिया गया।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है।

"सीजफायर अब इतिहास बन चुका है..." तुर्की से गरजे डोनाल्ड ट्रंप

इस भीषण सैन्य हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में ट्रंप ने कहा, "ईरान ने शांति के समझौते को खुद अपने हाथों से तोड़ा है। उन्होंने हमारे और हमारे सहयोगियों के जहाजों पर कायराना हमला किया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी सेना ने उन्हें करारा जवाब दिया है। मैं आज यह घोषित करता हूं कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए जो मेमोरेंडम साइन हुआ था, वह अब पूरी तरह खत्म (Over) हो चुका है। हम अब इन बीमार लोगों के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेंगे।"

ईरान का पलटवार: बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

अमेरिका के इस बड़े हमले के बाद ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

  • बहरीन और कुवैत में सायरन: हमलों के बाद बहरीन और कुवैत के कई हिस्सों में हवाई हमले के सायरन (Air Raid Sirens) गूंज उठे।

  • 85 ठिकानों को निशाना बनाने का दावा: ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका और उसके सहयोगियों के 85 ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं, जबकि कुवैती और बहरीनी सेना अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की कोशिश कर रही है।

वैश्विक बाजार में हड़कंप; कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका

अमेरिका और ईरान के बीच इस तरह अचानक सीजफायर खत्म होने और दोबारा पूर्ण युद्ध (Full-Scale War) की स्थिति बनने से वैश्विक स्तर पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, वहां दोबारा युद्ध छिड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का खतरा मंडराने लगा है। रक्षा और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह तनाव अगले कुछ दिनों तक और खिंचा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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