डोनाल्ड ट्रंप का आधी रात को दावा; होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कब्ज़ा, कांप उठा ईरान
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और भू-राजनीति में हड़कंप मच गया है।
फॉक्स न्यूज के मशहूर शो 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए एक इंटरव्यू में 80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका (US) अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर पूरी तरह नियंत्रण कर रहा है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अब इस जलमार्ग का संरक्षक बनेगा और इसके लिए धनी देशों से भारी टैक्स भी वसूलेगा।
"हमारे पास नियंत्रण है, उनके पास कुछ नहीं" - ट्रंप का ईरान पर तीखा हमला
इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सीधी चुनौती देते हुए कहा, "हम जलडमरूमध्य पर कब्ज़ा कर रहे हैं। उनके पास कुछ भी नहीं है। हम इस पूरे इलाके के संरक्षक बनने जा रहे हैं।"
प ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सैनिकों और जहाजों को खतरे में डालने के बदले अब अमेरिका को मोटी रकम दी जाएगी। इसके तुरंत बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए ट्रंप ने लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब "ईरान के साथ या उसके बिना" हर हाल में खुला रहेगा।
शिपमेंट पर लगेगा 20% टैक्स, तुरंत शुरू होगी वसूली प्रक्रिया
दुनिया भर के कुल तेल और प्राकृतिक गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा (20%) इसी होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस रणनीतिक रास्ते पर अपना दबदबा बनाने के बाद ट्रंप ने एक नया वित्तीय प्लान भी दुनिया के सामने रख दिया है। उन्होंने घोषणा की:
"निष्पक्षता के लिहाज से, इस बेहद अस्थिर क्षेत्र में सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करने के लिए अब यहां से गुजरने वाले सभी माल (शिपमेंट) पर 20 प्रतिशत की दर से सुरक्षा टैक्स लगाया जाएगा, जिससे अमेरिका के खर्चों की प्रतिपूर्ति होगी। इसकी प्रक्रिया और गठन तुरंत शुरू किया जा रहा है।"
क्यों सुलग रहा है होर्मुज? अमेरिका और ईरान के बीच आर-पार की जंग
होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवादित बिंदु रहा है। ईरान इस पर अपना पूर्ण एकाधिकार जताता है, जबकि अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जहां सभी जहाजों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने का अधिकार है।
इस महीने की शुरुआत में जब ईरान ने इस मार्ग से गुजर रहे एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया, तो अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के सैन्य और ड्रोन ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इसके बाद ईरान ने भी पलटवार करते हुए यूएई और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक 5% तक उछल गईं।