'सुपरपावर' अमेरिका में गर्मी का हाहाकार: बिजली ग्रिड फेल होने की कगार पर, PJM का आम जनता से मदद का गुहार लगाना पड़ा भारी!

'सुपरपावर' अमेरिका में गर्मी का हाहाकार: बिजली ग्रिड फेल होने की कगार पर, PJM का आम जनता से मदद का गुहार लगाना पड़ा भारी!

दुनिया को अपनी तकनीक और संसाधनों से राह दिखाने वाला 'सुपरपावर' अमेरिका इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान के नए रिकॉर्ड्स ने वहां के ऊर्जा तंत्र की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि अमेरिका का सबसे बड़ा ग्रिड ऑपरेटर 'PJM इंटरकनेक्शन' घुटनों पर आ गया है और उसे बिजली कटौती रोकने के लिए आम नागरिकों के आगे हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं। देश में बिजली संकट इस कदर गहरा गया है कि ग्रिड ऑपरेटर ने लोगों से बिजली की खपत कम करने के लिए 'आपातकालीन अपील' की है।

क्यों पस्त हुआ PJM का सिस्टम?

PJM इंटरकनेक्शन, जो अमेरिका के 13 राज्यों और वाशिंगटन डीसी को बिजली आपूर्ति करता है, भीषण गर्मी के दौरान मांग को पूरा करने में अक्षम साबित हो रहा है। अत्यधिक गर्मी के कारण एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे ग्रिड पर भारी दबाव बना हुआ है। PJM का कहना है कि बिजली उत्पादन क्षमता और मांग के बीच का अंतर इतना कम हो गया है कि यदि तत्काल खपत कम नहीं की गई, तो बड़े पैमाने पर 'ब्लैकआउट' (बिजली गुल) की स्थिति पैदा हो जाएगी। प्रशासन की नाकामियों के चलते अब पूरा भार आम नागरिकों के कंधों पर आ गया है।

क्या लोगों के आगे गिड़गिड़ाना मजबूरी है?

PJM की ओर से जारी बयान को कई लोग 'गिड़गिड़ाना' इसलिए कह रहे हैं क्योंकि उन्होंने लोगों से घर का तापमान बढ़ाने, बिजली के भारी उपकरणों को बंद रखने और शाम के समय ऊर्जा का कम से कम उपयोग करने का आग्रह किया है। एक सुपरपावर देश के ग्रिड ऑपरेटर का इस तरह से विनती करना दिखाता है कि इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियां चिलचिलाती गर्मी के आगे कितनी बौनी साबित हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर तेजी से बढ़ने और पुराने कोयला आधारित पावर प्लांटों को बंद करने के जल्दबाजी वाले फैसलों ने इस संकट को और विकराल बना दिया है।

क्या होगा आगे?

अमेरिका के कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और राहत न मिलने की चेतावनी दी है। यदि जनता ने PJM की अपील नहीं मानी, तो आने वाले समय में रोटेशनल पावर कट (बिजली कटौती) अनिवार्य हो सकता है। यह संकट न केवल घरों के लिए, बल्कि अस्पतालों, डेटा सेंटरों और जरूरी सेवाओं के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के इस बिजली प्रबंधन पर टिकी हैं, जो खुद को ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे सुरक्षित देश मानता था।

Latest Posts