होर्मुज जलडमरूमध्य हमलों का असर: अमेरिका ने ईरान पर कसी नकेल, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 6 संस्थानों और एक संदिग्ध पर कड़ा प्रतिबंध
होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के अवैध डिजिटल संपत्ति नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता के आरोप 6 प्रमुख संस्थानों और एक संदिग्ध व्यक्ति पर कड़े प्रतिबंध (Financial Strike) लगा दिए हैं। वाशिंगटन का यह कदम तेहरान की वित्तीय लाइफलाइन को पूरी तरह काटने और उसकी आक्रामक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
डिजिटल एक्सचेंज और फर्जी नेटवर्क पर अमेरिकी ट्रेजरी का शिकंजा
अमेरिकी विदेश विभाग और ट्रेजरी डिपार्टमेंट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन प्रतिबंधों का मुख्य निशाना वे वित्तीय और डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं जिनका इस्तेमाल ईरानी शासन अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कनेक्टिविटी बनाए रखने और अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ईरान इन चैनलों के माध्यम से अपनी गुप्त आय को ठिकाने लगाता रहा है। इस कार्रवाई के तहत दो प्रमुख डिजिटल एसेट एक्सचेंज—'शेलबिट एक्सचेंज' (Shelbit Exchange) और 'आबान टीथर' (Aban Tether)—को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके साथ ही, कई देशों में सक्रिय एक बहुराष्ट्रीय कंपनी नेटवर्क के मुख्य सरगना सियावाश केयवानपोर (Siavash Kayvanpour) को भी इस अवैध नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
होर्मुज में हमलों के बाद अमेरिका का कड़ा संदेश
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब कुछ दिन पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने दो टूक शब्दों में कहा कि अमेरिका ईरान को उसके पड़ोसियों और निर्दोष जहाजों के लिए खतरा पैदा करने, आतंकवाद का समर्थन करने और अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने की छूट नहीं देगा। वाशिंगटन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान इस तरह की हरकतों से बाज नहीं आता, तब तक उसके वित्तीय तंत्र को तोड़ने के लिए 'मैक्सिमम प्रेशर' की नीति जारी रहेगी।
1.5 करोड़ डॉलर के इनाम का ऐलान और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स पर प्रहार
ईरान के इस अवैध नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए अमेरिका ने कड़े सुरक्षा उपाय भी किए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के 'रिवार्ड्स फॉर जस्टिस' (Rewards for Justice) कार्यक्रम के तहत ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स (IRGC) और उससे जुड़ी शाखाओं के वित्तीय तंत्र को बाधित करने या पुख्ता जानकारी देने वाले, के लिए 15 मिलियन डॉलर (करीब 1.5 करोड़ डॉलर) तक के इनाम की घोषणा की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि इन नए प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी प्रॉक्सी गतिविधियों को गहरा झटका लगेगा, जो पहले से ही आंतरिक और बाहरी संकटों से जूझ रही है।