Indo-Pacific Diplomacy: दिल, दोस्ती और डील्स! इंडो-पैसिफिक में दिखेगी भारत और न्यूजीलैंड की ताकत; आतंकवाद के खिलाफ सुर हुए एक

Indo-Pacific Diplomacy: दिल, दोस्ती और डील्स! इंडो-पैसिफिक में दिखेगी भारत और न्यूजीलैंड की ताकत; आतंकवाद के खिलाफ सुर हुए एक

हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक नया और बेहद मजबूत अध्याय जुड़ने जा रहा है। 'दिल, दोस्ती और डील्स' के नए फॉर्मूले पर आगे बढ़ते हुए दोनों लोकतांत्रिक देशों ने आपसी रणनीतिक संबंधों को एक नए मुकाम पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। न्यूजीलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स (Winston Peters) की मौजूदा भारत यात्रा के दौरान न केवल व्यापार और समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को लेकर बड़े समझौते हुए हैं, बल्कि न्यूजीलैंड ने वैश्विक मंच पर भारत के रुख का पुरजोर समर्थन भी किया है। न्यूजीलैंड ने अतीत में भारत में हुए कायराना पहलगाम और दिल्ली आतंकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए साफ कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह नई दिल्ली के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

न्यूजीलैंड के उप-प्रधानमंत्री की भारत यात्रा, कूटनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल

न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स इन दिनों भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां उन्होंने राजधानी दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ एक व्यापक और उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) की है। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने, द्विपक्षीय व्यापार बाधाओं को दूर करने और रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। रक्षा और सुरक्षा जानकारों के मुताबिक, दोनों देशों का यह बढ़ता तालमेल आने वाले समय में दक्षिण एशिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

पहलगाम और दिल्ली आतंकी हमलों की कड़ी निंदा, सीमा पार आतंकवाद पर प्रहार

इस कूटनीतिक वार्ता की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह रही कि न्यूजीलैंड ने भारत के आंतरिक सुरक्षा मुद्दों और आतंकवाद के खिलाफ उसकी 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति का खुलकर समर्थन किया। संयुक्त बयान के दौरान विंस्टन पीटर्स ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम और देश की राजधानी दिल्ली में हुए दर्दनाक आतंकवादी हमलों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए उनकी कड़े शब्दों में भर्त्सना की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी रूप में और किसी भी उद्देश्य के लिए आतंकवाद को जायज नहीं ठहराया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय मंच पर न्यूजीलैंड का यह बयान सीमा पार आतंकवाद (Cross-Border Terrorism) को बढ़ावा देने वाले ताकतों के खिलाफ भारत के रुख को एक बड़ी वैश्विक कूटनीतिक जीत दिलाता है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और डिफेंस कोऑपरेशन पर टिकी हैं नजरें

'दोस्ती' के अलावा इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस 'डील्स' पर है। दोनों देश पिछले काफी समय से एक व्यापक आर्थिक सहयोग या मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। भारत जहां न्यूजीलैंड के बाजार में अपने आईटी पेशेवरों, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों के लिए अधिक पहुंच चाहता है, वहीं न्यूजीलैंड भारत के विशाल मध्यवर्गीय बाजार में अपने डेयरी उत्पादों, वाइन और उच्च गुणवत्ता वाले ऊन के लिए रास्ते तलाश रहा है। इसके साथ ही, दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सूचना साझा करने (Information Sharing) और हिंद महासागर में संयुक्त गश्त (Joint Patrols) को लेकर भी एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर सहमति बनी है, जो इंडो-पैसिफिक में दोनों देशों की सामूहिक ताकत को प्रदर्शित करेगा।

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