13 मिसाइलें, ड्रोन अटैक और गूंजते सायरन, अमेरिका-ईरान जंग ने लिया खतरनाक मोड़

13 मिसाइलें, ड्रोन अटैक और गूंजते सायरन, अमेरिका-ईरान जंग ने लिया खतरनाक मोड़

मध्य पूर्व में जारी सैन्य टकराव अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमलों की दूसरी लहर शुरू करने के तुरंत बाद तेहरान ने बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य अभियान छेड़ दिया है।

ईरान ने अपनी सीमा से कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागकर अमेरिकी ठिकानों को सीधा निशाना बनाया, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में रेड अलर्ट की स्थिति बन गई है।

आईआरजीसी का जवाबी एक्शन: जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इस कार्रवाई को हमलावरों के खिलाफ 'अत्यंत खेदजनक जवाब' करार दिया है। ईरानी मीडिया और फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित एक प्रमुख अमेरिकी सैन्य अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जहां भारी नुकसान का दावा किया गया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से इस नुकसान पर आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।

इसके साथ ही बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक ठिकाने पर भी भारी ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। आईआरजीसी ने साफ कर दिया है कि इन हमलों ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी पकड़ और विदेशी ताकतों से मुकाबले के संकल्प को और सख्त कर दिया है।

जॉर्डन ने हवा में मार गिराईं मिसाइलें, कुवैत में भी सायरन

ईरानी मिसाइलें दागते ही जॉर्डन में एयर डिफेंस सायरन गूंजने लगे। उत्तरी शहर मफराक के आसमान में मिसाइलों को रोकने के जोरदार धमाके सुने गए। जॉर्डन की सेना ने स्पष्ट किया कि उनकी अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 में से 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि शेष 3 मिसाइलें आबादी से दूर वीरान इलाकों में गिरीं जिससे किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दूसरी ओर, कुवैती सेना ने भी अपने एयरस्पेस में संदिग्ध और शत्रुतापूर्ण ड्रोन मंडराने के बाद डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर जवाबी कार्रवाई की।

अमेरिकी सेंटकॉम का बड़ा हमला: केशम द्वीप पर जोरदार धमाके

यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार को अमेरिकी सेना द्वारा रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आईआरजीसी की सुविधाओं पर किए गए हमलों के बाद भड़का। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह हमला मंगलवार दोपहर को शुरू किया गया था।

सेंटकॉम के अनुसार, आईआरजीसी द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमले की कोशिशों और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने के जवाब में यह प्रहार किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने होर्मुज के उत्तरी मुहाने पर बसे केशम द्वीप पर कई बड़े विस्फोटों की पुष्टि की है। इस ताजा तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को फिर से उछाल दिया है।

ट्रंप की सीधी चेतावनी: अगर बदला लिया तो बचेगा बहुत कम ईरान

हमले शुरू होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कड़ा रुख अख्तियार किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाने की ईरानी कोशिशों और जॉर्डन में दागी गई मिसाइलों के जवाब में यह शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई की है।

ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए लिखा कि यदि ईरान ने किसी भी तरह का प्रतिशोध लेने की हिमाकत की, तो उसे पहले से कहीं अधिक घातक और विनाशकारी प्रहार झेलना पड़ेगा। ट्रंप ने तीखे शब्दों में कहा कि यह उनका सबसे बड़ा हमला नहीं था, असली कार्रवाई अभी बाकी है और इस टकराव के खत्म होने पर ईरान का बहुत ही कम हिस्सा शेष रह जाएगा।