ISI का नया डिजिटल जाल: शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकी संगठन घोषित, 14 राज्यों से 200+ गिरफ्तार

ISI का नया डिजिटल जाल: शहजाद भट्टी नेटवर्क आतंकी संगठन घोषित, 14 राज्यों से 200+ गिरफ्तार

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने भारत के खिलाफ अपनी साजिशों का तरीका बदलते हुए अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मुख्य हथियार बना लिया है। इंटरनेट के जरिए भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ और दहशतगर्दी की राह पर धकेलने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का सुरक्षा एजेंसियों ने भंडाफोड़ किया है। इस खतरनाक गठजोड़ की कमान पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के हाथों में थी।

राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सक्रियता दिखाते हुए शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े मामलों में अब तक 12 एफआईआर दर्ज कर 51 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। तलाशी अभियानों के दौरान पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथगोले, पेट्रोल बम और आधुनिक विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।

सोशल मीडिया पर 'आसान पैसा' और अंडरवर्ल्ड का प्रलोभन

जांच एजेंसियों के हाथ लगे साक्ष्यों के अनुसार, युवाओं को जाल में फंसाने के लिए शहजाद भट्टी के साथ-साथ दाऊद इब्राहिम, मुन्ना झिंगारा और अजमल गुर्जर जैसे खूंखार पाकिस्तानी अपराधियों और अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट के नामों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं और छोटे-मोटे स्थानीय अपराधियों को आसानी से पैसा कमाने, हथियार हासिल करने और विदेश में ऐशो-आराम की जिंदगी बसर करने जैसे लुभावने सपने दिखाए जाते हैं। इस नेटवर्क की सबसे खतरनाक रणनीति यह है कि यह पारंपरिक आतंकियों के बजाय साफ छवि वाले युवाओं को निशाना बनाता है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों के रडार से बचा जा सके।

बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले युवाओं से जासूसी और हमलों की साजिश

जांच में सामने आया है कि पहली नजर में आम दिखने वाले इन युवाओं का कोई पुराना आतंकी रिकॉर्ड नहीं होता। आईएसआई समर्थित यह नेटवर्क पहले इनसे ऑनलाइन संपर्क साधता है, फिर पैसे का लालच देकर इन्हें रेकी करने, हथियार पहुंचाने और 'लोन वुल्फ' हमलों जैसी वारदातों के लिए तैयार करता है। सुरक्षा बलों, पुलिस प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की जासूसी कराने के लिए इन स्थानीय युवकों को पैसे देकर वहां सीसीटीवी कैमरे तक लगवाए जा रहे थे। यह अपराध-आतंकवाद का हाइब्रिड मॉडल आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।