मिस्र में बड़ी खोज! खुदाई में मिली 3000 साल पुरानी 'T' शेप की रहस्यमयी कब्र, दीवारों पर मिले प्राचीन देवी-देवताओं के चित्र

मिस्र में बड़ी खोज! खुदाई में मिली 3000 साल पुरानी 'T' शेप की रहस्यमयी कब्र, दीवारों पर मिले प्राचीन देवी-देवताओं के चित्र

रहस्यों और प्राचीन पिरामिडों के देश मिस्र (Egypt) से एक बार फिर इतिहास प्रेमियों और वैज्ञानिकों को चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मिस्र के ऐतिहासिक लक्सर शहर (Luxor City) के वेस्ट बैंक पर स्थित 'शेख अब्द अल-कुरना' कब्रिस्तान में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और रहस्यमयी मकबरा मिला है। यह कब्र करीब 3,000 साल पुरानी बताई जा रही है, जिसका निर्माण अंग्रेजी के उल्टे 'T' अक्षर (Inverted 'T' Shape) के आकार में किया गया है। मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने इस खोज की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इसे इतिहास और पुरातत्व के नजरिए से एक क्रांतिकारी कामयाबी बताया है।

नीदरलैंड की टीम ने खोजा प्राचीन इतिहास का नया पन्ना

इस ऐतिहासिक मकबरे को नीदरलैंड की लीडेन यूनिवर्सिटी (Leiden University) के एक डच पुरातात्विक मिशन ने खोज निकाला है। शुरुआती वैज्ञानिक विश्लेषण और प्राचीन लिपियों (Inscriptions) के अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मकबरा 'रामेसाइड काल' (Ramesside Period) का है, जो प्राचीन मिस्र के 19वें और 20वें राजवंश से ताल्लुक रखता है। पुरालेखों के अनुसार, यह कब्र 'पासेर' (Paser) नाम के एक रसूखदार व्यक्ति की है। हालांकि, वह उस दौर में किस पद पर था और उसकी सामाजिक स्थिति क्या थी, इसे लेकर अभी गहन शोध किया जा रहा है।

उल्टा 'T' आकार और पाताल लोक की ओर जाती सीढ़ियां

इस प्राचीन मकबरे की बनावट बेहद अनूठी और जटिल है। यह न्यू किंगडम (New Kingdom) काल के पारंपरिक थेबन मकबरों के डिजाइन पर आधारित है।

  • इस मकबरे में एक बड़ा खुला प्रांगण (Courtyard) है, जो सीधे चट्टानों को काटकर बनाई गई एक चैपल (गुफा) की तरफ ले जाता है।

  • यही चैपल उल्टे 'T' आकार में बनी हुई है।

  • इस चैपल के ठीक नीचे जमीन की गहराई में मुख्य दफन कक्ष (Burial Chambers) बनाए गए हैं, जहां शवों को दफनाया जाता था।

  • मकबरे के प्रवेश द्वार पर ढलान वाले रैंप और एक प्राचीन सीढ़ी भी मिली है, जो पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में है। इसके अलावा प्रांगण में एक मिट्टी की ईंटों से बना हुआ चबूतरा मिला है, जिसका उपयोग अंतिम संस्कार के समय स्मृति चिन्ह रखने के लिए किया जाता था।

दीवारों पर मिले प्राचीन देवताओं की पूजा और पत्नी के साथ चित्र

वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा आकर्षित इस मकबरे के भीतर की गई अद्भुत नक्काशी और चित्रकारी ने किया है। 3,000 साल बीत जाने के बाद भी यहां की दीवारों पर बने रंगीन चित्र काफी हद तक सुरक्षित हैं। मकबरे के अंदर मिली नक्काशी में मुख्य व्यक्ति 'पासेर' को मिस्र के विभिन्न प्राचीन देवी-देवताओं के सामने हाथ जोड़कर उनकी पूजा-अर्चना करते हुए दिखाया गया है। एक अन्य बेहद खूबसूरत और व्यक्तिगत दृश्य में पासेर को उसकी पत्नी के साथ एक बड़ी सी 'ऑफरिंग टेबल' (भोग या प्रसाद की मेज) के पास बैठे हुए दिखाया गया है। पुरातत्वविदों का कहना है कि इन चित्रों के गहन अध्ययन से 3000 साल पुराने मिस्र के धार्मिक विश्वासों और उनकी जीवनशैली को समझने में एक नई दिशा मिलेगी।

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