ट्रंप और मेलोनी के रिश्तों की कड़वाहट हुई दूर, नाटो समिट में इतालवी पीएम का बड़ा यू-टर्न

ट्रंप और मेलोनी के रिश्तों की कड़वाहट हुई दूर, नाटो समिट में इतालवी पीएम का बड़ा यू-टर्न

ईरान संघर्ष और आपसी बयानों के चलते पैदा हुए अभूतपूर्व तनाव के बीच, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने समीकरणों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है।

तुर्की में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के इतर इतालवी पत्रकारों से बेहद अनौपचारिक लेकिन सधे हुए अंदाज में बात करते हुए पीएम मेलोनी ने साफ कर दिया कि तमाम सार्वजनिक तीखी बहसों के बावजूद ट्रंप के साथ उनके संबंध अभी भी पूरी तरह सौहार्दपूर्ण और स्थिर बने हुए हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के बीच उपजे हालिया राजनयिक तनाव को शांत करने के एक बड़े रणनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप ने मेलोनी को बताया 'अच्छी शख्सियत' पर फैसले को कहा 'बड़ी भूल'

मेलोनी का यह बयान उस समय आया है जब इसके ठीक कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंकारा में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने अपना रुख थोड़ा नरम किया था।

हालांकि, ट्रंप ने इटली की आलोचना करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। ट्रंप ने खुलकर स्वीकार किया कि हाल के दिनों में मेलोनी के साथ उनके संबंध थोड़े खराब जरूर हुए थे, क्योंकि इटली ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों में वाशिंगटन की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था। ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि मेलोनी वास्तव में एक बहुत अच्छी इंसान हैं, लेकिन ईरान के मामले में अमेरिका का साथ न देकर उन्होंने एक बहुत बड़ी रणनीतिक गलती की है। साथ ही ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इटली पर समर्थन के लिए कोई सीधा दबाव नहीं डाला था।

'गिड़गिड़ाने' के आरोप से लेकर रद्द हुई विदेश मंत्री की यात्रा: आखिर क्यों बढ़ा था विवाद?

वाशिंगटन और रोम के बीच इस भयंकर कूटनीतिक दरार की शुरुआत फ्रांस के एवियन में हुए जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। उस वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद सनसनीखेज दावा करते हुए कहा था कि मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उनसे 'विनती' की थी।

मेलोनी ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया कि इटली के विदेश मंत्री को अपनी पूर्व-निर्धारित अमेरिका यात्रा तक रद्द करनी पड़ी थी। इसके बाद ट्रंप ने नाटो के उन सभी सहयोगी देशों पर निशाना साधा था जो अमेरिका की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं का फायदा तो उठाते हैं, लेकिन ईरान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सैन्य अभियानों में वाशिंगटन का साथ देने से पीछे हट जाते हैं।

'ट्रुथ सोशल' की उस एक पोस्ट ने लगा दी थी अटकलों की आग

दोनों नेताओं के बीच पर्सनल वॉर तब और ज्यादा बढ़ गया जब रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर मेलोनी के साथ एक पुरानी तस्वीर साझा की। ट्रंप ने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था— "रोक लगाने का आदेश (Restraining Order) आवश्यक है।" इस एक लाइन की पोस्ट ने पूरी दुनिया के मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की अटकलें तेज कर दी थीं कि दक्षिणपंथी विचारधारा के कारण कभी एक-दूसरे के बेहद करीब माने जाने वाले इन दोनों शीर्ष नेताओं के रिश्ते अब पूरी तरह से टूट चुके हैं।

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