दुबई में शेख मोहम्मद से भी आगे निकला यह अरबपति, संपत्ति देख उड़ जाएंगे होश
वैश्विक धनपतियों और कारोबार जगत की दुनिया में हमेशा ही चौंकाने वाले आंकड़े सामने आते रहते हैं, लेकिन जब बात खाड़ी देशों और दुबई की हो तो लक्जरी और अकूत संपत्ति का दायरा और भी बड़ा हो जाता है। आम तौर पर लोगों के जेहन में यही बात होती है कि दुबई जैसे चमकते शहर में वहां के शासक यानी सुल्तान या शाही परिवार के पास ही सबसे ज्यादा दौलत होगी। लेकिन फोर्ब्स (Forbes) की हालिया रिपोर्ट और वित्तीय आंकड़ों ने एक ऐसा दिलचस्प खुलासा किया है जिसे जानकर हर कोई हैरान रह गया है। दुबई की धरती पर एक ऐसा अरबपति भी मौजूद है जिसकी कुल संपत्ति वहां के शासक सुल्तान शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum) से भी अधिक आंकी गई है। इस बेहिसाब दौलत और संपत्ति के बड़े आंकड़ों की तुलना जब पड़ोसी देश पाकिस्तान के रक्षा बजट से की जाती है, तो पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था बौनी नजर आती है। आइए इस चौंकाने वाले खुलासे और उस अरबपति के कारोबार से जुड़ी हर एक खास बात को गहराई से समझते हैं।
फोर्ब्स मिडिल ईस्ट की ताजा 'वर्ल्ड्स रिचेस्ट अरब्स' सूची के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और विशेष तौर पर दुबई के कारोबारी परिदृश्य में हुसैन सजwani (Hussain Sajwani) जैसे दिग्गजों का नाम शीर्ष पर आता है। हुसैन सजवानी दुनिया की जानी-मानी लग्जरी रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनियों में से एक 'डैमैक प्रॉपर्टीज' (DAMAC Properties) के संस्थापक और चेयरमैन हैं। उनकी कुल अनुमानित संपत्ति बढ़कर लगभग 15.3 अरब डॉलर से भी अधिक हो चुकी है। वैश्विक बाजार में रियल एस्टेट की बढ़ती मांग और उनकी कंपनियों के शानदार प्रोजेक्ट्स के दम पर उनकी संपत्ति में हर साल रिकॉर्ड तोड़ इजाफा देखने को मिल रहा है। हालांकि दुबई के शासक शेख मोहम्मद का शाही साम्राज्य और राजकीय परिसंपत्तियां विशाल हैं, लेकिन व्यक्तिगत और कॉरपोरेट नेटवर्थ के मामले में ऐसे उद्योगपति दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं।
दुबई के वर्तमान शासक और यूएई के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन राशिद Al Maktoum ने अपनी दूरदर्शी सोच और बेहतरीन नीतियों के बल पर रेगिस्तान के इस छोटे से बंदरगाह को दुनिया का सबसे आधुनिक और चमकता हुआ बिजनेस हब बना दिया। उनकी निजी संपत्ति, महलों, दुनिया भर में फैली बेशकीमती जमीनों, विमानों और शाही होल्डिंग्स का आकलन करना आम आदमी की सोच से परे है। फोर्ब्स और विभिन्न वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, उनके परिवार और शाही घराने की कुल संपत्ति लगभग 18 अरब डॉलर या उससे अधिक आंकी जाती है। इसके बावजूद, दुबई की खुली अर्थव्यवस्था में प्राइवेट सेक्टर के कारोबारियों द्वारा खड़ी की गई संपत्तियां अब शाही आंकड़ों को कड़ी टक्कर दे रही हैं, जो यह साबित करता है कि आधुनिक दुबई में व्यापार और उद्यमिता ने किस अभूतपूर्व ऊंचाइयों को छू लिया है।
जब इन अरबपतियों की कुल संपत्ति और सालाना टर्नओवर की तुलना पड़ोसी देश पाकिस्तान के वित्तीय आंकड़ों से की जाती है, तो एक बहुत बड़ा विरोधाभास सामने आता है। मौजूदा समय में आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान का कुल वार्षिक रक्षा (Defense Budget) लगभग 7 से 8 अरब डॉलर के आसपास सिमट कर रह जाता है। इसका मतलब यह है कि अकेले दुबई के इन चुनिंदा अरबपतियों की व्यक्तिगत संपत्ति या एक साल के कारोबार का दायरा पाकिस्तान जैसे देश के पूरे साल के सैन्य और रक्षा बजट से भी दोगुना या उससे ज्यादा बड़ा है। एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी सेना के खर्चों और देश चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कर्जों पर निर्भर है, वहीं खाड़ी देशों के निजी उद्यमी अपनी मेहनत और शानदार बिजनेस मॉडल के जरिए व्यक्तिगत रूप से महाशक्तियों जैसी आर्थिक ताकत खड़े कर चुके हैं।
यह पूरा प्रकरण इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि मध्य पूर्व और खाड़ी देशों का फोकस अब केवल पारंपरिक तेल और गैस के कारोबार से हटकर रियल एस्टेट, टेक्नोलॉजी, पर्यटन और वैश्विक निवेश पर केंद्रित हो चुका है। दुबई ने दुनिया भर के अरबपतियों, निवेशकों और टेक दिग्गजों को अपने यहां आकर कारोबार करने के लिए एक ऐसा सुरक्षित और अनुकूल माहौल प्रदान किया है, जिसके कारण आज दुनिया की सबसे बड़ी दौलत इस रेगिस्तानी शहर में आकर सिमट रही है। हुसैन सजवानी जैसे उद्योगपतियों की सफलता इस बात की मिसाल है कि कैसे सही समय पर सही दिशा में उठाया गया कारोबारी कदम किसी व्यक्ति को देशों की अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा ताकतवर बना सकता है।