ट्रंप बोले- ईरान की नौसेना-वायुसेना तबाह, अब पलटवार किया तो बचेगा क्या?
मध्य पूर्व में तनाव अब तक के सबसे खतरनाक मुहाने पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं।
बीते 48 घंटों के भीतर अमेरिका की ओर से यह दूसरा बड़ा हमला है। इस सैन्य कार्रवाई के फौरन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' और ओवल ऑफिस से तेहरान को सीधी और अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने पलटवार करने की जुर्रत की, तो उसका परिणाम बेहद खौफनाक होगा।
होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगों और मिसाइल हमले का करारा जवाब
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी हमलों को पूरी तरह न्यायसंगत ठहराते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरानी उकसावे के जवाब में की गई है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें (सी-माइंस) बिछाने की नाकाम कोशिश की थी, जिन्हें अमेरिकी नौसेना ने पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर आठ मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें अमेरिकी रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही मार गिराया। इसी के प्रतिशोध में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के अहम ठिकानों को अमेरिकी सेना ने सटीकता से निशाना बनाया है।
ट्रंप की दो टूक: अगला प्रहार ऐसा होगा कि ईरान का नामोनिशान नहीं बचेगा
तेहरान को सीधी चुनौती देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान प्रहार तो केवल शुरुआत है, इससे भी कहीं बड़ा और विनाशकारी सैन्य हमला पाइपलाइन में है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ईरान जैसा विफल तंत्र इस कार्रवाई का बदला लेने की कोशिश करता है, तो उसे ऐसा तगड़ा झटका दिया जाएगा जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने दावा किया कि जब यह अमेरिकी सैन्य अभियान समाप्त होगा, तब 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' का शायद ही कोई हिस्सा सुरक्षित बच पाएगा।
'विफल राष्ट्र बन चुका है ईरान' — ओवल ऑफिस से ट्रंप का तीखा वार
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने ईरानी शासन की कमजोरियों को सिलसिलेवार ढंग से उजागर किया। उन्होंने ईरान को पूरी तरह दिवालिया और पंगु करार देते हुए कहा कि वहां महंगाई दर 350 फीसदी के पार जा चुकी है, सैनिकों को वेतन देने के पैसे नहीं हैं और उनके अधिकांश शीर्ष कमांडर मारे जा चुके हैं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और निगरानी रडार नेटवर्क लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। इसके बावजूद अगर तेहरान कोई दुस्साहस दिखाता है, तो वॉशिंगटन निर्णायक सैन्य अंत के लिए तैयार है।
होर्मुज में अमेरिकी नौसेना का कड़ा पहरा, तेल बाजार स्थिर
रणनीतिक जलमार्ग के हालात पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में प्रति रात औसतन 30 से अधिक व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत नौसैनिक सुरक्षा घेरे के कारण ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वह अप्रत्याशित उछाल नहीं आया, जिसकी आशंका जताई जा रही थी।
परमाणु हथियारों पर अमेरिका की लक्ष्मण रेखा
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख दोहराते हुए ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन किसी भी सूरत में तेहरान को एटमी ताकत नहीं बनने देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वह अब तक इजरायल और पूरे पश्चिम एशिया को नक्शे से मिटा चुका होता और अमेरिकी शहरों पर भी खतरा मंडरा रहा होता। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना ही अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।