कनाडा से दोस्ती पर ट्रंप का यूरोप को अल्टीमेटम! ‘बुरी मंशा दिखी तो भारी टैरिफ’
अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति के मोर्चे पर एक नया भूचाल आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वाशिंगटन कनाडा और ब्रुसेल्स के बीच बढ़ते गठजोड़ को अपने प्रति शत्रुतापूर्ण कदम के तौर पर देखता है, तो यूरोपीय संघ को "बेहद भारी टैरिफ" भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। ट्रंप का यह कड़ा बयान यूरोपीय आयोग द्वारा कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला "सहयोगी सदस्य" बनाने के ऐतिहासिक प्रस्ताव के तुरंत बाद सामने आया है।
'बुरे इरादे दिखे तो बंद कर देंगे व्यापार': ट्रंप का सख्त रुख
उत्तरी कैरोलिना के शार्लोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी चेतावनी को कनाडा और ईयू के बीच प्रस्तावित समझौते की मंशा से सीधे तौर पर जोड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका को लगा कि यह फैसला दुर्भावना या "बुरी मंशा" से लिया जा रहा है, तो वॉशिंगटन यूरोपीय उत्पादों पर जबरदस्त आयात शुल्क ठोक सकता है या कई प्रमुख क्षेत्रों में व्यापार पूरी तरह रोक भी सकता है। ट्रंप ने तल्ख अंदाज में कहा कि कनाडा व्यापार में बेहद अनुचित नीतियां अपना रहा है। अगर यह कदम शत्रुतापूर्ण लगा, तो यूरोप के साथ कई चीजों का आयात-निर्यात रोक दिया जाएगा। उनका कहना था कि यदि मंशा साफ है तो ठीक, लेकिन बुरे इरादे दिखने पर यूरोप पर कड़े से कड़े टैरिफ लगाए जाएंगे।
कनाडा को मिला पहला 'सहयोगी सदस्य' बनने का न्योता
ट्रंप का यह आक्रामक बयान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के वार्षिक 'स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन' संबोधन के बाद आया है, जो उन्होंने स्ट्रासबर्ग में दिया था। अपने भाषण के दौरान वॉन डेर लेयेन ने घोषणा की कि वे कनाडा को यूरोपीय संघ का पहला "सहयोगी सदस्य" बनने की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए आमंत्रित करती हैं। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। यूरोपीय संधियों के अनुसार पूर्ण सदस्यता केवल भौगोलिक रूप से यूरोपीय देशों के लिए आरक्षित है, इसलिए कनाडा पारंपरिक सदस्य तो नहीं बन सकता, लेकिन यह नया सहयोगी दर्जा दोनों पक्षों के बीच गहरे रणनीतिक और आर्थिक सहयोग की एक नई रूपरेखा तैयार करेगा।
CETA के बाद अब 'भविष्य के लिए गठबंधन' की तैयारी
यह नया प्रस्ताव दोनों पक्षों के व्यापारिक संबंधों को नए मुकाम पर ले जाएगा। वर्ष 2016 में हुए और 2017 से लागू व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के जरिए दोनों के बीच व्यापारिक शुल्क में भारी कटौती हुई थी और एक दशक से भी कम वक्त में वस्तुओं का व्यापार 75 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। वॉन डेर लेयेन ने कहा कि अब ब्रुसेल्स CETA से आगे बढ़कर "भविष्य के लिए गठबंधन" बनाना चाहता है, ताकि दोनों क्षेत्रों की आर्थिक सुरक्षा और साझा समृद्धि को सुरक्षित किया जा सके।
कनाडा का यूरोप की तरफ झुकाव: क्या है असली वजह?
कनाडा का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के साथ उसके व्यापारिक संबंध लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। कनाडाई अर्थव्यवस्था परंपरागत रूप से अमेरिकी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर रही है, लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ और नई पाबंदियों की धमकियों ने ओटावा को अपनी आर्थिक रणनीतियों में विविधता लाने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी दबाव के बीच कनाडा अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, रक्षा, खनिज और तकनीकी प्राथमिकताओं को सुरक्षित करने के लिए अब यूरोप को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रहा है।
साझेदारी में शामिल होंगे भविष्य के ये अहम क्षेत्र
प्रस्तावित 'भविष्य के लिए गठबंधन' सामान्य व्यापार समझौते से कहीं बढ़कर है। वॉन डेर लेयेन के अनुसार, इस साझेदारी के तहत कई अत्याधुनिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा:
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उन्नत उद्योग और बुद्धिमान विनिर्माण (Intelligent Manufacturing)
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रक्षा औद्योगिक सहयोग
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आर्कटिक क्षेत्र से जुड़े अहम प्रोजेक्ट्स
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स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
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बैटरी आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम प्रौद्योगिकियां
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साइबर सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा के साझा उपाय
यूरोपीय आयोग की प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य यूरोप और कनाडा दोनों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सशक्त बनाना है।