क्या अमेरिकी सीनेटर का हुआ कत्ल? ईरान की 'हिटलिस्ट' में ट्रंप-नेतन्याहू समेत 14 दिग्गज नेताओं के नाम से मची खलबली

क्या अमेरिकी सीनेटर का हुआ कत्ल? ईरान की 'हिटलिस्ट' में ट्रंप-नेतन्याहू समेत 14 दिग्गज नेताओं के नाम से मची खलबली

वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी भारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया और वैश्विक खुफिया हलकों में एक कथित लिस्ट वायरल होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या किसी अमेरिकी सीनेटर को निशाना बनाया गया है। इस पूरे विवाद को हवा तब मिली जब ईरान की एक कथित 'हिटलिस्ट' (Target List) सार्वजनिक हुई, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत दुनिया के 14 बड़े कद्दावर नेताओं की तस्वीरें और नाम शामिल हैं। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों समेत पूरे पश्चिमी देशों में हड़कंप मच गया है।

सोशल मीडिया पर लीक हुई सीक्रेट लिस्ट, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रही इस सूची को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) या उससे जुड़े साइबर समूहों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अमेरिकी सीनेटर पर हमले या कत्ल की आशंका वाली खबरों ने वाशिंगटन में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। सीआईए (CIA) और एफबीआई (FBI) जैसी शीर्ष अमेरिकी एजेंसियां इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या वाकई में अमेरिकी सांसदों और सीनेटरों की सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई है या यह केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा है।

ट्रंप और नेतन्याहू ईरान के निशाने पर क्यों, पुरानी है दुश्मनी

ईरान की इस कथित हिटलिस्ट में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू को सबसे ऊपर रखे जाने के पीछे एक लंबी और खूनी बैकस्टोरी है। साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ही ईरान ने कसम खाई थी कि वह इसका बदला ट्रंप और इसमें मदद करने वाले सहयोगियों से जरूर लेगा। वहीं दूसरी तरफ, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ईरान का सीधे तौर पर युद्ध जैसा माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लिस्ट में शामिल 14 नेताओं को ईरान अपने देश का सबसे बड़ा दुश्मन मानता है और इसी वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर अब वैश्विक स्तर पर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

अमेरिकी सीनेटर के कत्ल के दावों की क्या है असली सच्चाई

जहाँ तक एक अमेरिकी सीनेटर की हत्या से जुड़े दावों का सवाल है, वाशिंगटन के आधिकारिक सूत्रों और विदेश मंत्रालय ने अभी तक किसी भी सेनेटर की मौत या उन पर जानलेवा हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह खबर ईरान समर्थित हैकर्स या प्रोपेगैंडा फैलाकर पश्चिमी देशों में डर का माहौल पैदा करने की एक सोची-समझी रणनीतिक चाल हो सकती है। फिर भी, खतरे की गंभीरता को देखते हुए लिस्ट में शामिल सभी 14 नेताओं और अमेरिकी सांसदों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा घेरे को पहले से कई गुना ज्यादा मजबूत कर दिया गया है।

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