क्या गाजा में अब थमेगा खूनी खेल? हमास ने अचानक छोड़ दी गद्दी, इजरायल के इस दावे ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन
गाजा पट्टी की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। लगभग दो दशकों तक गाजा पर एकछत्र राज करने वाले चरमपंथी संगठन हमास ने अचानक एक ऐसी घोषणा कर दी है, जिसने पूरी दुनिया के राजनयिकों और विश्लेषकों को चौंका दिया है।
हमास ने आधिकारिक तौर पर एलान किया है कि वह गाजा पट्टी पर शासन करने वाले अपने नागरिक निकाय (Civilian Body) को पूरी तरह भंग कर रहा है। इसके साथ ही, क्षेत्र का प्रशासनिक नियंत्रण फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट्स (विशेषज्ञों) की एक स्वतंत्र समिति को सौंपने की तैयारी पूरी हो चुकी है। पहली नजर में देखने पर यह फैसला बेहद ऐतिहासिक और गाजा में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ा कदम दिखाई देता है, लेकिन परदे के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है।
इजरायल ने हमास के दावे को बताया 'दिखावा'
इस चौंकाने वाले एलान के तुरंत बाद इजरायल की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है। इजरायली सरकार ने हमास के इस कदम को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक 'दिखावा' और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करार दिया है।
इजरायल का सीधा तर्क है कि जब तक जमीनी स्तर पर हमास के पास आधुनिक हथियार, रॉकेट और उसका पूरा सैन्य ढांचा सुरक्षित है, तब तक केवल प्रशासनिक कागजों को बदलने से गाजा की असल हकीकत नहीं बदलने वाली है। सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि हमास केवल अपनी प्रशासनिक नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के लिए यह पैंतरा चल रहा है।
आखिर हमास ने वास्तव में क्या घोषणा की है?
हमास के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, उसने उस शासी समिति (Governing Committee) को भंग कर दिया है जो पिछले कई सालों से गाजा के विभिन्न मंत्रालयों की देखरेख कर रही थी। अब नागरिक प्रशासन का यह जिम्मा 'गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति' (NCAG) को हस्तांतरित किया जा रहा है।
आपको बता दें कि यह एक तकनीकी निकाय (Technocratic Body) है, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा समर्थित युद्धोत्तर शासन ढांचे के तहत तैयार किया गया है। यह घोषणा एक व्यापक युद्धविराम और गाजा पुनर्निर्माण योजना का अहम हिस्सा है, ताकि हमास के बजाय नागरिक प्रशासक गाजा को चला सकें और अंतरराष्ट्रीय मदद आसानी से पहुंच सके।