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यूपी किरण ब्यूरो

लखनऊ।। राजधानी में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पहले हुई एक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। हत्यारों ने रक्षाबंधन के एक दि‍न पहले ही रव‍िवार को एक पर‍िवार की खुश‍ियां छीन ली। पत्नी आस लगाए बैठी थी क‍ि पत‍ि के आने पर वह उनके साथ भाई को राखी बांधने मायके जाएगी, लेक‍िन सूचना उनकी मौत की आ गई। यह सुनते ही घर में कोहराम मच गया और वह रो-रोकर बेहोश हो गई। पुल‍िस समय पर आरोप है क‍ि अगर उसे ढूंढने की कोश‍िश की होती, ये हादसा न होता।

बक्शी का तालाब (बीकेटी) के रुद्रनगर निवासी राहुल पान्डेय (26) की 10 साल पहले संगीता से शादी हुई थी। उनकी एक बेटी थी और वो परिवार के साथ रहते थे। राहुल इलाके के ही यशोदा हॉस्पिटल में काम करके अपना जीवन-यापन करते थे।

बताया जाता है कि रोज की तरह शुक्रवार को वह घर ड्यूटी पर अस्पताल के लिए निकले थे। तभी रास्ते में कार सवार बदमाशों ने उन्हें क‍िडनैप कर ल‍िया। जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बि‍ठा लिया और मौके से फरार हो गए। किडनैप की जानकारी होते ही परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने नामदज केस दर्ज तो किया, लेकिन राहुल को खोजने की कोशिश नहीं की। फिर शन‍िवार की शाम राहुल का शव गुडम्बा इलाके में पारा गांव के पास सड़क पर मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया।

रव‍िवार को वॉयरलेस पर खबर प्रसारण होने के बाद बीकेटी पुलिस राहुल के पर‍िजनों के साथ पोस्टमॉर्टम हाऊस पहुंची और शव की पहचान की। जानकारी के मुताबिक बदमाशों ने चलती कार में ही गला घोटकर उसकी हत्या कर दी थी। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई की होती तो राहुल जिंदा होता।

पर‍िजनोंने पुलिस पर ये आरोप भी लगाया कि आरोपी को पुलिस पकड़ कर थाने लाई थी, लेकिन सुविधा शुल्क लेकर छोड़ दिया गया। जबक‍ि उन्होंने दीपू सिंह और उसके दोस्त विवेक को नामजद किया था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कार और आरोपी दीपू सिंह निवासी रुदही को अरेस्ट कर लिया गया है। वहीं, इंदौराबाग निवासी उसके दोस्त विवेक की तालाश जारी है।

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