Up kiran,Digital Desk : देश भर में मचे गैस संकट और एलपीजी (LPG) के लिए मची मारामारी के बीच धर्मनगरी वाराणसी से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहाँ आम जनता और कारोबारी एक-एक सिलेंडर के लिए घंटों कतारों में खड़े हैं, वहीं वाराणसी पुलिस ने चौकाघाट स्थित एक बंद पेट्रोल पंप पर छापेमारी कर अवैध रूप से डंप किए गए 231 कमर्शियल सिलेंडर बरामद किए हैं। इनमें 180 सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए पाए गए हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि गैस की कमी का फायदा उठाकर इन्हें ऊंचे दामों पर बेचने के लिए छिपाकर रखा गया था।
गुप्त सूचना पर कैंट पुलिस का 'एक्शन', सिलेंडर देख फटी रह गईं आंखें
वाराणसी के कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्र को सूचना मिली थी कि चौकाघाट स्थित 'सभरवाल ब्रदर्स' के बंद पड़े पेट्रोल पंप की बिल्डिंग को गैस माफियाओं ने अपना गुप्त ठिकाना बना लिया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अपूर्व पांडेय और पुलिस बल ने जब मौके पर धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम या वैध परमिट के भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों का जखीरा जमा किया गया था। पुलिस ने तुरंत 180 भरे और 51 खाली सिलेंडरों को अपने कब्जे में ले लिया।
मिर्जापुर से जुड़े हैं तार, पुलिस को चकमा देकर भागे 'गैस माफिया'
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बरामद किए गए ये सिलेंडर मिर्जापुर के अदलहाट स्थित एक गैस एजेंसी के हैं। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि 'गाड़ी खराब होने की वजह से सिलेंडर यहाँ उतारे गए हैं।' हालांकि, जैसे ही पुलिस ने जिला पूर्ति विभाग (Supply Department) की टीम को मौके पर बुलाने की प्रक्रिया शुरू की, आरोपी मौका पाकर फरार हो गए। इससे यह साफ हो गया कि इन सिलेंडरों को वाराणसी के होटलों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों में कालाबाजारी (Black Marketing) के लिए लाया गया था।
प्रशासन सख्त: लाइसेंस निरस्त करने और मुकदमे की तैयारी
वाराणसी में इस समय कमर्शियल गैस की भारी किल्लत है, जिसका फायदा उठाकर माफिया सक्रिय हो गए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी और मिर्जापुर के पूर्ति निरीक्षक प्रदीप शुक्ला को सत्यापन के लिए बुलाया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मिर्जापुर की गैस एजेंसी की इतनी बड़ी खेप जिले की सीमा पार कर वाराणसी कैसे पहुँच गई? पुलिस अब 'सभरवाल ब्रदर्स' के पंप मालिकों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
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