Up kiran,Digital Desk : पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की घड़ियां करीब आ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 14 अप्रैल को इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जनता को समर्पित करेंगे। तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार शाम सहारनपुर पहुंच गए, जहां उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
गणेशपुर में उतरेंगे पीएम मोदी, डाट काली मंदिर में करेंगे पूजा
निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार सुबह 10:50 बजे सहारनपुर के गणेशपुर स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से वह एलिवेटेड रोड के व्यू प्वाइंट का निरीक्षण करेंगे, जहां उनका स्वागत पुष्प वर्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए किया जाएगा। इसके बाद वह सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में माथा टेकेंगे और पूजा-अर्चना के बाद देहरादून के लिए रवाना होंगे। देहरादून में जनसभा को संबोधित करते हुए वह एक्सप्रेसवे का औपचारिक लोकार्पण करेंगे, जिसका सीधा प्रसारण गणेशपुर में भी दिखाया जाएगा।
सीएम योगी ने जांची सुरक्षा और व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गणेशपुर हेलीपैड से लेकर कार्यक्रम स्थल तक का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने डाट काली मंदिर में दर्शन किए और सर्किट हाउस में बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था व जनसभा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए और जनता के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहें।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: समय और दूरी की नई परिभाषा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल सफर को आसान बनाएगा, बल्कि आर्थिक विकास की नई राह भी खोलेगा।
सफर में बचत: 210 किलोमीटर का सफर जो पहले 6 घंटे में पूरा होता था, अब मात्र ढाई घंटे में तय होगा।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: इसमें एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर, अंडरपास और कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
विकास का आधार: सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, उद्योग और निवेश को इस एक्सप्रेसवे से जबरदस्त गति मिलने की उम्मीद है।
2020 में हुई थी शुरुआत, अब लोकार्पण को तैयार
केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 2020 में मंजूरी दी थी और प्रधानमंत्री ने 4 दिसंबर 2021 को इसकी आधारशिला रखी थी। पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा कर अब इसे जनता के लिए खोला जा रहा है। वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के निर्माण के कारण यह एक्सप्रेसवे पर्यावरण और प्रगति के संतुलन की एक अनूठी मिसाल भी पेश करता है।
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