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Up Kiran, Digital Desk: बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के प्रमुख नेता और राजद के मुखिया तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और एनडीए सरकार पर सिर (SIR) मामले को लेकर सवाल उठाने के बाद अब सीधे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को निशाने पर लिया है। रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार के उप मुख्यमंत्री के नाम दो अलग-अलग जगहों पर मतदाता सूची में दर्ज हैं।

उन्होंने पटना के बैंकिपुर और लखीसराय जिले की मतदाता सूची के नंबर और उम्र की जानकारी साझा की। तेजस्वी ने बताया कि बैंकिपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलफनामे के अनुसार उप मुख्यमंत्री के नाम के दो अलग-अलग मतदाता पहचान नंबर दर्ज हैं। उनका कहना है कि विजय कुमार सिन्हा ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दो अलग-अलग मतदाता सूची में हस्ताक्षर जरूर किए होंगे। यदि उन्होंने दोनों जगह हस्ताक्षर नहीं किए, तो इसका मतलब साफ है कि इस पूरे सिरी प्रक्रिया में धोखाधड़ी हो रही है।

तेजस्वी यादव के गंभीर आरोप

तेजस्वी यादव ने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने जानबूझकर दो भिन्न पहचान प्रस्तुत की होगी, जिससे वे कभी पटना तो कभी लखीसराय में मतदान कर सके। उन्होंने कहा, "यदि दोनों जगह उनके हस्ताक्षर पाए जाते हैं तो यह उनकी गलती है, लेकिन अगर नहीं हैं तो पूरी प्रक्रिया ही संदिग्ध है।" तेजस्वी ने प्रधानमंत्री के करीबी होने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अगर सच में उप मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए।

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस पर तेजस्वी का बयान

चुनाव आयोग की ओर से जारी नोटिस को लेकर तेजस्वी ने कहा कि कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या हमने जवाब दिया या नहीं। उन्होंने बताया कि नोटिस 7 अगस्त की शाम को आया और जवाब देने की अंतिम तिथि 8 अगस्त थी। उन्होंने अगले ही दिन चुनाव आयोग को अपना जवाब स्पीड पोस्ट से भेज दिया। तेजस्वी ने कहा कि मीडिया में उनके खिलाफ पहले से ही ट्रायल शुरू हो चुका था जबकि उन्होंने अभी जवाब ही भेजा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग, पटना और लखीसराय प्रशासन उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को भी नोटिस भेजेंगे? उनका कहना था कि अगर हमारे खिलाफ कार्रवाई होनी है तो उप मुख्यमंत्री के खिलाफ भी होनी चाहिए।

भाजपा पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप

तेजस्वी यादव ने भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भाजपा जब सीधे लोकतंत्र को खत्म नहीं कर पाती तो चुनाव आयोग को आगे कर इस प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सिरी एक बड़ा धोखा है, और इस पर वे अदालत में सबूत के साथ मामला उठाएंगे। उनका दावा था कि बिहार के उप मुख्यमंत्री का नाम दो मतदाता सूचियों में होना सबसे बड़ा प्रमाण है कि सिरी प्रक्रिया पूरी तरह से धांधली है।

बिहार में मतदाता सूची में घरों के नंबरों में भी गड़बड़ी

तेजस्वी ने कहा कि बिहार की लगभग तीन लाख मतदाता सूचियों में घर के नंबर 000 या 0/0000 लिखे हैं, जो पूरी प्रक्रिया का मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और विजय कुमार सिन्हा को इस मामले को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। लोकतंत्र को मजबूत करना ही उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब सवाल उठाता है या शिकायत करता है तो प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक बनाना चाहिए, न कि बीजेपी को मजबूत करने के लिए।

राहुल गांधी के आरोपों का तेजस्वी ने किया समर्थन

तेजस्वी यादव ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने भी मतदाता सूची में हेरफेर के बारे में बताया है, लेकिन अब देखना है कि क्या चुनाव आयोग और सरकार उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है या नहीं। यदि वे दोषी पाए गए तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। वहीं यदि चुनाव आयोग दोषी साबित होता है तो उसे सिरी प्रक्रिया वापस लेनी होगी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

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