
नई दिल्ली॥ कोविड-19 महामारी में मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज के बारे में विस्तार से बताने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण निरंतर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं।
इसी बीच बीते शुक्रवार को भी वह मीडिया के सामने आईं। इस दौरान उन्होंने लगभग 65 साल पुराने कानून में बदलाव करने का ऐलान किया। आइए जानते हैं कि इस बदलाव का किसे लाभ मिलेगा। दरअसल, मोदी सरकार ने अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन, आलू और प्याज जैसी कृषि उपज को ‘नियंत्रणमुक्त’ करने का निर्णय किया है।
इसके लिए सरकार लगभग 65 वर्ष पुरानी आवश्यक वस्तु अधिनियम (एसेंशियल कमोडिटी एक्ट) में संशोधन करने जा रही है। इन संशोधनों के जरिए जहां खाद्य उत्पादों के उत्पादन और बिक्री को नियंत्रणमुक्त किया जाएगा, वहीं किसी भी उत्पाद पर स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी।
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इसका अर्थ स्पष्ट है कि इन सभी कृषि खाद्य सामग्री पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा और किसान अपने हिसाब से मूल्य तय कर आपूर्ति और बिक्री कर सकेंगे। हालांकि, सरकार वक्त वक्त पर इसकी समीक्षा करती रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर नियमों को सख्त किया जा सकता है।
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