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Up Kiran,Digital Desk: यूपी की योगी सरकार ने गुरुवार को एक अहम कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी दी गई, जबकि 2 को फिलहाल टाल दिया गया। इन फैसलों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, विज्ञान और परिवहन में बड़े बदलाव और सुधार की संभावना जताई जा रही है।

1. शिक्षकों के स्वास्थ्य लाभ में बड़ा बदलाव: कैशलेस इलाज की सुविधा

राज्य सरकार ने प्रदेश के करीब 3 लाख से ज्यादा शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (CWSN), और अन्य शैक्षिक कर्मी अपनी चिकित्सा सेवाओं के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस फैसले से न केवल शिक्षकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि उनके परिवारों को भी राहत मिलेगी।

2. बजट सत्र की तारीखें घोषित: क्या होगा खास?

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इस बार 9 से 11 फरवरी तक आयोजित होगा। पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा विधानसभा में संबोधन किया जाएगा। दूसरे दिन विधायकों और पूर्व विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जबकि तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। पिछले साल का बजट 8,08,736 करोड़ रुपये था, जिसमें नई योजनाओं के लिए 28,478.34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

3. शहरी विकास और अमृत 2.0 योजना: क्या बदलेगा शहरों का स्वरूप?

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। गोरखपुर और वाराणसी में जल निकासी और सीवरेज प्रणालियों को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा। गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना और वाराणसी के 18 प्रभावित वार्डों में सीवर लाइन और गृह संयोजन परियोजना पर काम शुरू होगा। इससे शहरों में जलनिकासी की समस्याओं का समाधान होगा और विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

4. नई नीतियां और नियमावली: प्रदेश में लाए गए कई बदलाव

प्रदेश में विकास को और गति देने के लिए कई नई नीतियां और नियमावली लागू की गई हैं। इनमें उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026, शहरी पुनर्विकास नीति 2026 और इलेक्ट्रिक वाहनों पर पंजीकरण शुल्क में छूट जैसे अहम फैसले शामिल हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य शहरी जीवन को व्यवस्थित करना और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

5. विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा: विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना

उत्तर प्रदेश में बरेली और मुरादाबाद में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। इससे राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम भविष्य में प्रदेश के युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा देने में सहायक होगा और राज्य को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र बनाएगा।

6. परिवहन और बुनियादी ढांचे में सुधार: नई परियोजनाओं का आगाज

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कई अहम योजनाओं की शुरुआत की है। इनमें वाराणसी-चंदौली और देवरिया मार्गों का चौड़ीकरण, पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए जलापूर्ति परियोजना और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विस्तार शामिल हैं। इसके अलावा, नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन का गठन और उप निबंधक कार्यालयों में अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जो प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करेगा।

7. कृषि और सहकारी क्षेत्र में सुधार: गन्ना किसानों के लिए राहत

कृषि और सहकारी क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा, जबकि सहकारी चीनी मिल्स संघ को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए सरकारी गारंटी दी जाएगी। इसके अलावा, बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इन कदमों से किसानों को राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी।