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Up kiran,Digital Desk : हिमाचल प्रदेश में इस विंटर सीज़न (सर्दियों) में सामान्य से बहुत कम बारिश या बर्फबारी दर्ज की गई है — लगभग 85% कम बारिश के साथ राज्य के ज्यादातर इलाकों में सूखा मौसम बना हुआ है। ऐसे में ठंडी हवाएँ और शीतलहर का प्रभाव लगातार महसूस किया जा रहा है, और कुछ हिस्सों में तापमान ज़ीरो के आसपास या उससे नीचे तक गिर रहा है। 

कम बारिश का क्या असर हुआ?

राज्य के कई जिलों में इस बार जनवरी के पहले 10 दिनों में सामान्य के मुकाबले बहुत कम बारिश रिकॉर्ड हुई:

बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, सोलन जैसे जिलों में सामान्य से 60–88% तक कम बारिश हुई

कुल्लू व किन्नौर में थोड़ी अधिक बारिश या तुलनात्मक बेहतर रिकॉर्ड रहा

कुल मिलाकर राज्य में केवल करीब 2.7% बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य 18.7% होती है — यानी लगभग 85% की कमी। 

यह सूखा मौसम ही शीतलहर को और बढ़ा रहा है और कई इलाकों में रात के तापमान नकारात्मक (Minus) तक पहुंच रहा है। 

शीतलहर और न्यूनतम तापमान

राज्य में कई स्थानों पर रात का तापमान शून्य से नीचे दर्ज हुआ। खासकर ऊँचे इलाकों में जैसे:

कुकुमसेरी में लगभग -10.9°C

कल्पा में लगभग -3.6°C

मनाली, भुंतर तथा सुंदरनगर जैसे इलाकों में भी शून्य के आसपास या नीचे पारा रहा

इसके अलावा शिमला, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जैसे मैदानी हिस्सों में भी काफी ठंड महसूस हो रही है। 

अगले सप्ताह का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक:

16 जनवरी तक राज्य में बारिश और बर्फबारी की कोई बड़ी संभावना नहीं है

ज्यादातर हिस्सों में धूप खिली रहेगी और मौसम काफी साफ रहेगा

रात और सुबह के समय धुंध और शीतलहर बनी रह सकती है — खासकर ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी के इलाकों में घना कोहरा येलो अलर्ट जारी किया गया है

अगले कुछ दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे‑धीरे वृद्धि होने की उम्मीद है, लेकिन ठंड का असर अभी थोड़ी देर तक बना रहेगा

बारिश‑बर्फबारी के हाल फिलहाल संकेत नहीं हैं और मौसम मुख्यतः सूखा रहेगा।

क्या सावधान रहें?

सुबह‑शाम को कोहरा और शीतलहर के कारण वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता जरूरी है

ऊँची चोटियों पर रात में तापमान गहरे निशान तक गिर सकता है

कुछ इलाकों में घना कोहरा दृश्यता कम कर सकता है, जिससे सड़क यात्रा प्रभावित हो सकती है