Up kiran,Digital Desk : भारतीय रेल के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर अब रफ्तार का एक नया इतिहास लिखे जाने की तैयारी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) रेल मंडल ने 'मिशन रफ्तार' के तहत ट्रेनों को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह और DRM उदय सिंह मीना के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बुधवार को हाई-स्पीड ट्रायल प्रस्तावित है।
205 किमी लंबे ट्रैक पर होगा शक्ति प्रदर्शन
ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से मानपुर के बीच लगभग 205 किलोमीटर लंबे हिस्से में 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया जाएगा। इससे पहले डीडीयू से प्रधानखंटा तक 160 किमी प्रति घंटे के कई सफल परीक्षण किए जा चुके हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के इंजीनियरिंग, सिग्नल, ऑपरेटिंग, विद्युत और मैकेनिकल विभाग ने दिन-रात एक कर दिया है। ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप तैयार किया गया है।
12 घंटे में दिल्ली से हावड़ा: सेमी-हाई स्पीड का सपना होगा सच
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नई दिल्ली से हावड़ा के बीच की 1450 किलोमीटर की दूरी को महज 12 घंटे में पूरा करना है।
ट्रैक फेंसिंग: सुरक्षा के लिहाज से ट्रैक के दोनों किनारों पर फेंसिंग लगाई गई है ताकि मवेशियों या बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश रोका जा सके।
कवच सुरक्षा प्रणाली: ट्रेनों की टक्कर रोकने वाली अत्याधुनिक 'कवच' तकनीक को तेजी से स्थापित किया गया है, जो हाई-स्पीड परिचालन के लिए अनिवार्य है।
वंदे भारत को मिलेगी नई गति: इस ट्रायल के सफल होने के बाद वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का परिचालन और अधिक तेज व सुरक्षित हो सकेगा।
रेल यात्रियों और स्थानीय जनता के लिए विशेष चेतावनी
रेलवे ने बुधवार को होने वाले इस हाई-स्पीड ट्रायल को लेकर आम जनमानस के लिए एडवाइजरी जारी की है। चूंकि ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की अविश्वसनीय गति से गुजरेगी, इसलिए सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं:
ट्रैक से दूरी: डीडीयू, गया और मानपुर रेलखंड के पास रहने वाले लोग रेलवे ट्रैक से पर्याप्त सुरक्षात्मक दूरी बनाए रखें।
फुट ओवर ब्रिज का प्रयोग: स्टेशनों पर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए केवल फुट ओवर ब्रिज (FOB) का ही इस्तेमाल करें।
पशुओं का ध्यान: अपने मवेशियों को रेलवे लाइन के आसपास न जाने दें।
आधुनिक भारत की ओर बढ़ता रेल का कदम
यह ट्रायल न केवल डीडीयू मंडल बल्कि पूरे भारतीय रेल के लिए एक तकनीकी छलांग है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले 412 किलोमीटर लंबे ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर बुनियादी ढांचे का उन्नयन कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हाई-स्पीड रेल परिचालन से न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।




