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Up Kiran, Digital Desk: पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब स्टेट कंटेनर और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह कदम मुख्यमंत्री भगवंत मान के बंगा स्थित राजा साहिब अस्थान को लेकर किए गए बयान से आहत होने के बाद आया है। रविवार को उन्होंने अपना इस्तीफा सार्वजनिक किया, जिससे यह मुद्दा राज्यभर में चर्चाओं का केंद्र बन गया है।

राजा साहिब अस्थान के प्रति गहरी श्रद्धा

डॉ. सुक्खी ने कहा कि राजा साहिब अस्थान के प्रति उनकी गहरी आस्था है, और इस स्थल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को लेकर मुख्यमंत्री का बयान उन्हें बिल्कुल भी उचित नहीं लगा। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के बयान ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया। सुक्खी का यह कदम इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है, क्योंकि यह न सिर्फ राजनीतिक बल्कि धार्मिक संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ है।

राजनीतिक यात्रा: जीत से हार तक

डॉ. सुक्खी ने 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार तरलोचन सिंह को हराकर बंगा सीट पर विजय हासिल की थी। उन्होंने यह चुनाव 5069 वोटों के अंतर से जीता था। इसके बाद, 2023 में जब जालंधर लोकसभा उपचुनाव हुआ, तो सुक्खी ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के गठबंधन से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार सुशील कुमार रिंकू से हार का सामना करना पड़ा।

सुक्खी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल से की थी, लेकिन 14 अगस्त, 2025 को उन्होंने इस पार्टी को छोड़कर आम आदमी पार्टी जॉइन की थी। उनका इस्तीफा इस समय राजनीतिक हलकों में एक नई चर्चा का विषय बन गया है।