Up Kiran, Digital Desk: हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश ने भारत के लिए अपनी वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। हालांकि, यह कदम खेल जगत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर भी गहरे पड़ सकते हैं। बांग्लादेश ने यह फैसला ऐसे समय में लिया जब दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सामाजिक तनाव चरम पर पहुंच चुका है।
भारत में बढ़ते विरोध के बाद बांग्लादेशी कदम
इस निर्णय के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए यात्रा में दिक्कतें आ सकती हैं। विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई, गुवाहाटी, चेन्नई और आगरतला जैसे प्रमुख शहरों में स्थित बांग्लादेश के दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को यह आदेश दिया गया है। हालांकि, छात्रों और व्यापारिक वीजा सेवाओं को जारी रखा जाएगा।
भारत का भी था पहले से निलंबन
यह पहला अवसर नहीं है जब वीजा सेवाएं निलंबित की गईं हैं। इससे पहले भारत ने बांग्लादेश के बढ़ते आंतरिक असंतोष और हिंसा के कारण अपनी वीजा सेवाओं को निलंबित कर दिया था। बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच हिंसा और भारतीय दूतावासों पर हमलों के बाद भारत ने चटगांव स्थित इंडियन वीजा एप्लिकेशन सेंटर (IVAC) को बंद कर दिया था। यह घटनाएं रिश्तों में और भी दरार पैदा करने का कारण बनीं।
क्या था बांग्लादेशी क्रिकेटर को बाहर करने का कारण?
दरअसल, भारत के क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से बाहर कर दिया था। यह कदम तब उठाया गया जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के विरोध में यह मामला उठाया गया था। इसके चलते बांग्लादेश ने प्रतिशोध स्वरूप भारत के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं, और यहां तक कि भारत को T20 वर्ल्ड कप में खेलने से भी रोकने की धमकी दी है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, लेकिन बांग्लादेश की टीम अभी भी इस फैसले से असहमत है।
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