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Up Kiran, Digital Desk: गाज़ा पट्टी में जारी मानवीय संकट और बंधक संकट के बीच मंगलवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। इज़राइल द्वारा सहायता में कटौती की धमकी और दबाव के बाद, हमास ने रेड क्रॉस को चार और मृत बंधकों के शव सौंप दिए।

इज़राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि सेना को ये शव गाज़ा में मिले हैं और उन्हें आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक सेंटर भेजा गया है। शवों की पहचान के बाद संबंधित परिवारों को जानकारी दी जाएगी।

बंधकों की वापसी में हो रही देरी पर ट्रंप का गुस्सा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर उन्होंने हमास को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "यदि वे खुद को निरस्त्र नहीं करेंगे, तो हम उन्हें कर देंगे।"

हालाँकि, ट्रंप ने इज़राइल द्वारा गाज़ा में सहायता ट्रकों की संख्या आधी करने की बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

समझौते का खुला उल्लंघन?

अमेरिका द्वारा प्रस्तावित युद्ध विराम योजना के तहत, सभी बंधकों – जीवित और मृत – को 72 घंटों के भीतर सौंपा जाना था। सोमवार को समयसीमा खत्म होने तक सिर्फ चार शव लौटाए गए, जिससे परिजन और मानवाधिकार समूहों में भारी निराशा है।

बंधक परिवार फोरम, जो कई पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इसे "समझौते का उल्लंघन" करार देते हुए हमास की तीखी आलोचना की।

रेड क्रॉस और हमास की सफाई

हमास और रेड क्रॉस का कहना है कि गाज़ा में जारी युद्ध के चलते कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो गया है। हमास ने बताया कि कुछ शव अब भी उन इलाकों में हैं जो इज़राइली सैन्य नियंत्रण में हैं।

इज़राइल की ओर से सहायता कटौती की धमकी

इज़राइली सैन्य एजेंसी COGAT ने संयुक्त राष्ट्र को बताया है कि 600 में से केवल 300 सहायता ट्रकों को गाज़ा में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इससे गाज़ा में संकट और गहराने की आशंका है।

अमेरिकी अधिकारियों को भी इस फैसले की जानकारी दे दी गई है।

बंधकों के परिजनों का दर्द

मंगलवार को लौटाए गए शवों के साथ कुल आठ मृत बंधकों के अवशेष अब इज़राइल के पास हैं। 28 बंधकों में से अधिकांश अब भी लापता हैं, जिससे उनके परिवार लगातार तनाव और पीड़ा में हैं।