img

Up kiran,Digital Desk : खदूर साहिब से सांसद और 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे एक पुराने आपराधिक मामले में फिर से गिरफ्तार कर लिया है। इसका मतलब है कि अमृतपाल को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

अजनाला थाना हिंसा मामला: पुलिस को मिली 2 दिन की रिमांड

अमृतसर पुलिस ने गुरुवार को डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाना हिंसा मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अजनाला की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने गहन पूछताछ के लिए 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने केवल 2 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। सुरक्षा कारणों से अमृतपाल डिब्रूगढ़ जेल में ही रहेगा और पूछताछ भी वहीं होगी।

पंजाब नहीं लाया जाएगा अमृतपाल, हाईकोर्ट का सख्त रुख

अमृतपाल को पंजाब वापस लाने की चर्चाओं पर विराम लग गया है। पंजाब सरकार ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए उसे पंजाब न लाने की अपील की थी। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि अजनाला मामले की जांच और अदालती कार्यवाही ऑनलाइन मोड (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए ही पूरी की जाए।

क्या है अजनाला हिंसा का वो मामला?

यह मामला 23 फरवरी 2023 का है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था:

विरोध का कारण: अमृतपाल अपने करीबी साथी लवप्रीत सिंह 'तूफान' की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था।

थाने पर हमला: अमृतपाल और उसके हथियारबंद समर्थकों ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया।

धार्मिक ग्रंथ की आड़: प्रदर्शनकारी अपने साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी लेकर आए थे, जिसकी वजह से पुलिस को अत्यधिक संयम बरतना पड़ा।

पुलिसकर्मी हुए थे घायल: इस हिंसक झड़प में तत्कालीन एसपी जुगराज सिंह समेत कई पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हुए थे।

पुलिस जांच के रडार पर क्या है?

अमृतपाल से पूछताछ के लिए पुलिस के पास कई अहम बिंदु हैं:

हथियारों की बरामदगी: हिंसा में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों का पता लगाना।

वाहनों की जांच: उन वाहनों की पहचान करना जिनका इस्तेमाल भीड़ जुटाने के लिए किया गया।

आनंदपुर खालसा फोर्स (AKF): क्या अमृतपाल किसी निजी सेना या बड़ी साजिश पर काम कर रहा था?

साथियों का क्या हुआ?

अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और पपलप्रीत सिंह समेत उसके 9 करीबियों को पहले ही पंजाब ट्रांसफर किया जा चुका है। ये सभी वर्तमान में अजनाला कोर्ट में चल रहे ट्रायल का सामना कर रहे हैं। हालांकि, सांसद होने के बावजूद अमृतपाल के खिलाफ गंभीर आरोपों को देखते हुए उसे फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। अब इस मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी।