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Up Kiran, Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव की हलचल के बीच मोकामा एक बार फिर सुर्खियों में है। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और जेडीयू के चर्चित बाहुबली नेता अनंत सिंह ने एक बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अनंत सिंह ने साफ तौर पर कहा कि यदि इस बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो वे भी राजनीति से संन्यास ले लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ही उनके राजनीतिक जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत हैं और अगर वे सत्ता में नहीं रहेंगे तो वे भी राजनीति से दूर हो जाएंगे।

"नीतीश बाबू ने ही मुझे मौका दिया"
अपने हालिया इंटरव्यू में अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने ही उन्हें राजनीति में आने का मौका दिया था। उन्होंने खुलकर कहा, "अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो मैं भी विधायक पद पर बैठने के बारे में नहीं सोचूंगा। मेरी राजनीतिक पहचान के असली सूत्रधार वही हैं।" अनंत ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास और स्थिरता की उम्मीद की जा सकती है और उनके बिना यह संभव नहीं होगा।

प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी पर अनंत का तीखा जवाब
प्रशांत किशोर द्वारा यह भविष्यवाणी किए जाने पर कि नीतीश कुमार 14 नवंबर के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, अनंत सिंह ने इसका करारा जवाब दिया। उन्होंने मजाक करते हुए कहा, "अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, तो क्या प्रशांत किशोर सीएम बनेंगे? बिहार में नीतीश जैसा दूसरा कोई नहीं है। उनका स्तर कोई नहीं छू सकता।" अनंत सिंह ने यह भी कहा कि बिहार में एक बार फिर ऐसा नेता नहीं मिलेगा, जो नीतीश कुमार जैसा काम और नेतृत्व दे सके।

अपने प्रतिद्वंदियों को लेकर क्या बोले अनंत सिंह
मोकामा सीट से अनंत सिंह का मुकाबला बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से हो रहा है, जो आरजेडी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। इस पर अनंत ने कहा कि उनका राजनीति में किसी से मुकाबला करने का तरीका नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मैं जनता के बीच अपने काम और ईमानदारी से अपनी सेवा करता हूं। इस बार भी जनता का समर्थन काम ही होगा, जो मेरा असली चेहरा है।" उन्होंने अपनी क्षेत्रीय सेवाओं का हवाला देते हुए कहा कि मोकामा में सड़कों से लेकर पानी की व्यवस्था तक उन्होंने हर पहलू पर ध्यान दिया है।

बिहार चुनाव 2025: क्या होगा अनंत सिंह का भविष्य?
बिहार विधानसभा चुनावों के माहौल में इस तरह के बयान राजनीतिक समीकरणों को बदल सकते हैं। इस बार मोकामा में अनंत सिंह और उनकी प्रतिद्वंद्वी वीणा देवी के बीच कड़ा मुकाबला हो सकता है। अब यह देखना होगा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की राजनीति किस दिशा में जाती है और अनंत सिंह जैसे नेता आगे क्या निर्णय लेते हैं।