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Up Kiran, Digital Desk: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में घर को सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं बल्कि एक पूज्य स्थान समझा जाता है। प्राचीन काल से हमारे बुजुर्ग घर के बाहर जूते उतारने की सलाह देते रहे हैं। कई लोग इसे सिर्फ सफाई से जोड़कर देखते हैं, मगर वास्तु शास्त्र की गहराई में छिपे तत्व इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि आपके वही जूते, जो बाहर की धूल और गंदगी को समेटते हैं, वे नकारात्मक ऊर्जा और राहु-शनि के नकरात्मक प्रभावों को भी घर में ला सकते हैं? यही वजह है कि प्राचीन ग्रंथों में घर के अंदर जूते पहनकर प्रवेश करना एक बड़ा दोष या 'पाप' माना गया है, जो घर की समृद्धि को नष्ट कर सकता है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे के धार्मिक, वास्तु और वैज्ञानिक कारण।

नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश

वास्तु के अनुसार, जब हम बाहर जाते हैं, तो हमारे जूतों में कई तरह की नकारात्मक ऊर्जा चिपक जाती है। जब हम वही जूते पहनकर घर में प्रवेश करते हैं, तो वह नकारात्मक ऊर्जा घर की शांति और सुख को भंग कर देती है। इसके कारण परिवार में तनाव और झगड़े बढ़ सकते हैं।

राहु और शनि का दुष्प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में पैरों को शनि का स्थान माना गया है और जूतों का संबंध राहु और शनि दोनों से होता है। घर में जूते लेकर आना मतलब राहु और शनि के नकरात्मक प्रभावों को आमंत्रित करना। इसके कारण घर में दरिद्रता और परेशानी बढ़ने लगती है।

दहलीज का महत्व और देवताओं का अपमान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की मुख्य दहलीज पर देवी लक्ष्मी का वास होता है। जूते गंदगी और अशुद्धता का प्रतीक माने जाते हैं। जब हम जूते पहनकर घर की दहलीज पार करते हैं, तो यह धन की देवी लक्ष्मी का अपमान होता है। इससे घर में समृद्धि रुक जाती है और आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं।

रसोई और मंदिर की पवित्रता

अक्सर लोग अनजाने में जूते पहनकर रसोई या पूजा स्थान के पास चले जाते हैं। रसोई को अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है और जूतों की गंदगी और अशुद्धता उस स्थान की पवित्रता को नष्ट कर सकती है। इससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

वैज्ञानिक कारण: स्वच्छता और बैक्टीरिया

वास्तु से अलग, अगर हम विज्ञान की बात करें तो जूतों के तलवों में लाखों हानिकारक बैक्टीरिया और धूल-मिट्टी होते हैं। घर के अंदर जूते पहनने से ये कीटाणु फर्श पर फैल सकते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।