Up kiran,Digital Desk : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह पुरस्कार राजधानी कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। जून 2025 में उन्होंने ऐतिहासिक एक्सिओम मिशन-4 (Axiom-4) के तहत 18 दिन की अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। इस मिशन में उन्होंने सात महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों का नेतृत्व किया, जिनमें शामिल हैं:
स्पेस एनीमिया
हृदय स्वास्थ्य
माइक्रोग्रैविटी में धातु मिश्रधातुओं का ठोसकरण
जैविक प्रयोग
इन अध्ययनों से भारत के गगनयान मिशन जैसी भविष्य की मानव अंतरिक्ष उड़ानों के सुरक्षा प्रणालियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
अद्भुत उड़ान अनुभव
शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी लड़ाकू पायलट हैं और उनके पास 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है। उन्होंने कई विमानों को उड़ाया है जैसे: सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32।
जीवन और करियर
जन्म: 10 अक्टूबर 1985, लखनऊ, उत्तर प्रदेश
बचपन से अनुशासन और राष्ट्रसेवा में रुचि
नेशनल डिफेंस एकेडमी में प्रवेश
जून 2006: भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन
एक्सिओम-4 मिशन के दौरान पायलट के रूप में महत्वपूर्ण योगदान
शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं और वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर बढ़ती भूमिका का प्रतीक मानी जा रही है।
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