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Up kiran,Digital Desk : असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को बोकाजान में एक विशाल चुनावी रैली के दौरान पार्टी का आधिकारिक घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र में 11 प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसे कांग्रेस ने 'असम के नवनिर्माण का संकल्प' बताया है। इस अवसर पर असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेता भी मंच पर मौजूद थे।

घोषणापत्र के 11 मुख्य फोकस क्षेत्र (11 Pillars of Focus)

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में शासन से लेकर पर्यावरण तक, हर पहलू को छूने की कोशिश की है:

शासन (Governance): पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का वादा।

पहचान (Identity): असम की अनूठी संस्कृति और भाषाई पहचान का संरक्षण।

स्वास्थ्य (Health): वहनीय और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं।

बुनियादी ढांचा (Infrastructure): सड़कों, पुलों और संचार नेटवर्क का विस्तार।

औद्योगीकरण (Industrialization): स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन।

कृषि (Agriculture): किसानों के लिए ऋण माफी और फसलों का उचित मूल्य।

ग्रामीण विकास (Rural Development): गांवों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार।

शहरी विकास (Urban Development): स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त शहर।

जलवायु परिवर्तन (Climate Change): बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण।

सुरक्षित असम (Safe Assam): कानून व्यवस्था में सुधार और घुसपैठ पर रोक।

शिक्षा (Education): गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रवृत्तियां।

पांच गारंटियों पर टिकी है उम्मीद

इससे पहले 29 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पांच प्रमुख गारंटियों का ऐलान किया था, जिन्हें इस घोषणापत्र का आधार माना जा रहा है:

महालक्ष्मी योजना: महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता।

स्वास्थ्य बीमा: प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।

निशुल्क बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यूनिट आधारित छूट।

बेरोजगारी भत्ता: शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने तक सहायता।

असमिया अस्मिता: सीएपीएफ (CAPF) और विवादास्पद कानूनों की समीक्षा का वादा।

राहुल गांधी का जुबानी हमला: "हिमंत ने सबको धोखा दिया"

रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

“हिमंत बिस्व सरमा की विचारधारा नफरत की है। उन्होंने जिसके साथ भी काम किया, उसे धोखा दिया—चाहे वो तरुण गोगोई हों या सर्बानंद सोनोवाल। इसके विपरीत, असम की असली पहचान जुबीन गर्ग जैसे लोगों से है, जिन्होंने एकता और भाईचारे की बात की।”