img

Up kiran,Digital Desk : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने देश में फल-फूल रहे नकली डेयरी उत्पादों के काले कारोबार के खिलाफ युद्ध स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बाजार में बिक रहे दूध और पनीर की शुद्धता पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि लगभग 80% डेयरी उत्पाद नकली हैं। चन्नी ने सरकार से मांग की है कि मिलावटखोरों के खिलाफ साधारण धाराओं के बजाय 'हत्या के प्रयास' (IPC 307) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

दूध माफिया का 'जहरीला' खेल: यूरिया और डिटर्जेंट से बन रहा दूध

सांसद चन्नी ने नकली दूध बनाने की प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि माफिया चंद पैसों के लालच में यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और अन्य जहरीले रसायनों का उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह महज मिलावट नहीं, बल्कि देश की जनता के स्वास्थ्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ है, जिससे कैंसर और किडनी फेलियर जैसी भयानक बीमारियां फैल रही हैं।

नरम कानून से बढ़ रहे हौसले: सजा और जुर्माने में हो भारी बढ़ोतरी

चन्नी ने वर्तमान कानूनों की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा सजा और जुर्माना इतना कम है कि डेयरी माफिया पर इसका कोई असर नहीं होता। उन्होंने तर्क दिया:

सख्त धाराएं: चूंकि नकली उत्पादों से जान जा सकती है, इसलिए इसे 'इरादा-ए-कत्ल' माना जाना चाहिए।

सजा का प्रावधान: दोषियों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि बाजार में डर पैदा हो।

आर्थिक नुकसान: नकली दूध सस्ता होने के कारण ईमानदार डेयरी फार्मर्स को भी भारी नुकसान हो रहा है, जिससे श्वेत क्रांति (White Revolution) खतरे में है।

संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में अहम सुझाव

कृषि और पशुपालन के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष होने के नाते चन्नी ने सरकार को कुछ ठोस उपाय भी सुझाए हैं:

चेकिंग मशीनें: सरकार को सभी बड़ी डेयरियों और दूध बूथों पर तत्काल आधुनिक टेस्टिंग मशीनें लगानी चाहिए ताकि ग्राहक खुद शुद्धता की जांच कर सकें।

नियमित छापेमारी: खाद्य सुरक्षा विभाग को केवल त्योहारों पर ही नहीं, बल्कि साल भर औचक निरीक्षण और सैंपलिंग करनी चाहिए।

जागरूकता अभियान: जनता को नकली और असली दूध के बीच अंतर समझाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाए।

चन्नी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ी गंभीर बीमारियों की चपेट में होगी और देश का डेयरी उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।