Up kiran,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के ऐतिहासिक अवसर पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। सहारनपुर की जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों की पहचान उत्तर प्रदेश को दंगों और कर्फ्यू की आग में झोंकने की रही है, उनसे विकास और सुशासन की उम्मीद करना केवल एक 'दिवास्वप्न' है। सीएम योगी ने इस एक्सप्रेसवे को विकास का नया वैश्विक मॉडल बताया और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक बड़ा ऐलान भी किया।
महापुरुषों का सम्मान: मूर्तियों पर छतरी और बाउंड्री वॉल का निर्माण
डॉ. बीआर आंबेडकर की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री ने दलित और पिछड़े समाज की धार्मिक व सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाबा साहेब आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि और संत रविदास जी की जो मूर्तियां खुले आसमान के नीचे हैं, सरकार उन सभी पर सम्मानजनक 'छतरी' (शेड) और बाउंड्री वॉल का निर्माण कराएगी। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'पंच तीर्थों' का विकास कर जो राह दिखाई है, यूपी सरकार उसे आगे बढ़ाते हुए महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने का काम कर रही है।
डबल इंजन सरकार: उत्तराखंड और यूपी के विकास की साझा शक्ति
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही विचारधारा की सरकार होने के कारण आज बड़े प्रोजेक्ट्स हकीकत बन रहे हैं। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी का उदाहरण देते हुए बताया कि डबल इंजन सरकार की ताकत से आज उत्तर प्रदेश निवेश का सबसे पसंदीदा केंद्र बन गया है। सीएम के अनुसार, विकास तभी पूर्ण होता है जब वह अपनी विरासत और सुरक्षा के साथ जुड़ा हो। उन्होंने दंगाइयों पर प्रहार करते हुए कहा कि सुरक्षा का 'यूपी मॉडल' आज पूरे देश में नजीर बना हुआ है।
जाति की राजनीति और दंगों के संरक्षण पर प्रहार
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाज को जातियों में बांटने वाले लोग आज फिर सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि अतीत में जिन्होंने दंगों को संरक्षण दिया, वे कभी प्रगति के पहिए नहीं घुमा सकते। उनके अनुसार, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने सुशासन का एक नया उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की छवि से बाहर निकलकर विकास के पथ पर फर्राटा भर रहा है।
सहारनपुर के व्यापार को मिलेंगे वैश्विक बाजार
स्थानीय अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे यहां के लकड़ी के हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों के लिए 'लाइफलाइन' साबित होगा। अब सहारनपुर के उद्यमी न केवल दिल्ली बल्कि गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल और बिहार तक अपने उत्पाद आसानी से भेज सकेंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा होंगे।




