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Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एक अहम निर्णय लिया है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के उत्तर प्रदेश क्लस्टर में डीजल ऑटोरिक्शा पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में प्रदूषण स्तर को घटाना है। गाजियाबाद और नोएडा में अब डीजल ऑटोरिक्शा पूरी तरह से प्रतिबंधित हो चुके हैं। इसके साथ ही, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और अन्य जिलों में अगले कुछ सालों में इस प्रतिबंध को लागू किया जाएगा।

कड़े कदमों के तहत सड़क धूल और प्रदूषण नियंत्रण

इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सड़क धूल को नियंत्रण करना है, जिसे प्रदूषण का प्रमुख कारण माना गया है। इस दिशा में अधिकारियों ने सड़क पुनर्विकास, धूल नियंत्रण के कड़े उपाय और बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने का फैसला लिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पहले ही एंटी-स्मॉग गन, स्प्रिंकलर और मैकेनिकल स्वीपिंग सिस्टम का उपयोग शुरू कर दिया गया है, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

वायु प्रदूषण के खिलाफ व्यापक कार्ययोजना लागू

उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई कार्ययोजना के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस कार्य योजना का समन्वित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एक परियोजना निगरानी इकाई भी गठित की गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इस योजना का उद्देश्य न केवल प्रदूषण को कम करना है, बल्कि इसे लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाना भी है। अधिकारियों के अनुसार, इन उपायों से न सिर्फ वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लाखों शहरी निवासियों को भी लाभ मिलेगा।

दिल्ली में भी प्रदूषण से निपटने के लिए नई पहल

दिल्ली में भी वायु प्रदूषण की समस्या बेहद गंभीर है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को घोषणा की कि सरकार शहरभर के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और सुरक्षाकर्मियों को दस हज़ार इलेक्ट्रिक हीटर वितरित करेगी। यह कदम सर्दियों के मौसम के दौरान स्थानीय उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य से उठाया गया है।