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Up Kiran,Digital Desk: बारामती हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में अहम शुरुआती निष्कर्ष सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच में दो प्रमुख कारक सामने आए हैं जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। विस्तृत विश्लेषण अभी जारी है। सूत्रों के अनुसार, रनवे पर कम दृश्यता के बावजूद विमान ने लैंडिंग का प्रयास किया। जांचकर्ताओं ने पाया कि ऐसी परिस्थितियों में लैंडिंग का निर्णय लेना प्रारंभिक आकलन से सामने आए प्रमुख बिंदुओं में से एक है।

तकनीकी खराबी की भी आशंका है।

दृश्यता संबंधी समस्या के साथ-साथ प्रारंभिक जांच के दौरान एक संदिग्ध तकनीकी खराबी भी सामने आई है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या किसी सिस्टम की खराबी के कारण विमान के उतरने और लैंडिंग के दौरान उसके प्रदर्शन पर असर पड़ा हो।

ब्लैक बॉक्स डेटा रिकवरी जारी है

अधिकारियों ने विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा प्राप्त करना शुरू कर दिया है। पूरा डेटा प्राप्त और विश्लेषण हो जाने के बाद, संपूर्ण जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी। अधिकारियों ने जोर दिया कि अंतिम निष्कर्ष इस महत्वपूर्ण उड़ान डेटा पर निर्भर करेगा। बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए लीयरजेट 45 विमान का ब्लैक बॉक्स घटना के एक दिन बाद बरामद कर लिया गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) बारामती की समतल हवाई पट्टी पर विमान के दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान हुई दुर्घटना की जांच कर रहा है।

अजित पवार की मृत्यु

यहां यह उल्लेखनीय है कि एनसीपी प्रमुख का बुधवार सुबह (28 जनवरी) मुंबई से ब्रह्मंती जाते समय एक चार्टर विमान दुर्घटना में निधन हो गया। 66 वर्षीय पवार, दिग्गज राजनीतिज्ञ और एनसीपी संस्थापक शरद पवार के भतीजे और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के चचेरे भाई थे। वे महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक गैर-लगातार उपमुख्यमंत्री रहे। उन्होंने विभिन्न सरकारों में छह कार्यकाल तक इस पद पर कार्य किया। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस , उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की मंत्रिमंडलों में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं।