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Up Kiran, Digital Desk: बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अहम पहल की है, जिससे अब 80 साल और उससे ऊपर की उम्र के बुजुर्ग भी घर बैठे अपनी ज़मीन या फ्लैट की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व ट्विटर) पर दी।

बुजुर्गों के लिए आसान रजिस्ट्री प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में बताया कि राज्य में 2025 में नई सरकार बनने के बाद, उन्होंने राज्य को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करने के लिए 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों की जीवनशैली को सरल और आरामदायक बनाना है। इसके तहत, अब विशेष रूप से 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुगम और आसान बना दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारा लक्ष्य बिहार के सभी नागरिकों के जीवन को सहज और बेहतर बनाना है। इस दिशा में उठाए गए कदम और फैसले उनके जीवन को और भी आरामदायक बनाएंगे।"

7 दिन में रजिस्ट्री निपटाएं

राज्य में कई बार देखा गया है कि वृद्धजनों को रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, खासकर जब उनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा होती है। इस समस्या के समाधान के लिए अब यह निर्णय लिया गया है कि इस आयु वर्ग के व्यक्तियों को जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए घर बैठे ही सभी सेवाएं दी जाएंगी। इसके लिए 'मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग' द्वारा चलंत रजिस्ट्री इकाई (Mobile Registration Unit) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस सुविधा के तहत, आवेदक घर बैठे ही रजिस्ट्री से संबंधित सभी दस्तावेज़ों की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

यह प्रक्रिया 7 कार्यदिवसों के भीतर पूरी कर दी जाएगी। आवेदनकर्ता को सिर्फ ऑनलाइन आवेदन करना होगा और बाद में सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच की जाएगी।

भूमि जानकारी की अद्यतन व्यवस्था

इसके अलावा, अक्सर जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दिशा में भी एक सुधारात्मक कदम उठाया गया है। अब रजिस्ट्री से पहले, खरीदार और विक्रेता को भूमि की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी जाएगी। इस पहल से न केवल खरीदारों को सही जानकारी मिलेगी, बल्कि पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया भी पारदर्शी और सुरक्षित होगी।

2026 में लागू होगा नया सिस्टम

यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस फैसले से वृद्धजनों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके दैनिक जीवन में काफी आसानी आएगी। साथ ही भूमि की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने से रजिस्ट्री से संबंधित विवादों को भी रोका जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने नागरिकों से अपील की कि अगर किसी को इस फैसले से संबंधित कोई सुझाव हो तो वह 19 जनवरी 2026 तक संबंधित माध्यमों से अपना सुझाव दे सकते हैं।