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Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जो उनके भविष्य को आकार दे सकता है। अब मुख्यमंत्री फेलोशिप (सीएम फेलो) करने वाले उम्मीदवारों को राज्य सरकार की भर्तियों में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से उन युवाओं के लिए लाभकारी होगा जो सार्वजनिक सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहते हैं, खासकर यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) और यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्तियों में।

क्या हैं नए नियम?

सरकार की ओर से हाल ही में जारी की गई नीतियों के तहत, मुख्यमंत्री फेलोशिप के आधार पर उम्मीदवारों को आयु सीमा में अधिकतम तीन वर्ष तक की छूट दी जाएगी। यह छूट उनके फेलोशिप कार्यकाल के आधार पर तय की जाएगी, और साथ ही चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त अंक भी जोड़े जाएंगे।

आयु सीमा में छूट के अनुसार विवरण:

एक साल कार्यकाल: 1 वर्ष की छूट

दो साल कार्यकाल: 2 वर्ष की छूट

तीन साल कार्यकाल: 3 वर्ष की छूट

साथ ही, यह गणना हर साल जुलाई के पहले दिन से की जाएगी।

क्या मिलेगा अतिरिक्त लाभ?

सीएम फेलो को उनके अनुभव के आधार पर चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त अंक भी मिलेंगे। इससे उन उम्मीदवारों को लाभ होगा जिनके पास शोध, परियोजना कार्य या अन्य कार्य अनुभव है, क्योंकि उनके अनुभव को अब अधिक महत्व दिया जाएगा।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह है कि फेलोशिप कर चुके युवाओं को उनके समर्पण और अनुभव के आधार पर अधिक अवसर दिए जाएं, ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

पूर्व में छूट प्राप्त उम्मीदवारों के लिए क्या?

जो उम्मीदवार पहले से आयु सीमा में छूट का लाभ उठा चुके हैं, उन्हें इस नई नीति का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।

सरकार का उद्देश्य: एक निष्पक्ष और संतुलित प्रणाली

यह नीति इस उद्देश्य को लेकर बनाई गई है कि योग्यता और अनुभव के बीच संतुलन बना रहे, ताकि अधिक से अधिक युवा अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से सफल हो सकें। सरकार का मानना है कि इस नए नियम के जरिए यूपी में सरकारी नौकरी की प्रतियोगिता और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेगी।