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Up Kiran, Digital Desk: गुरुवार देर रात श्रीनगर की सड़कों पर सब कुछ सामान्य था। पुलिस डलगेट के पास मामता चौक पर रोजाना की तरह गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी, तभी उनकी नजर एक काले रंग की रॉयल एनफील्ड बाइक पर पड़ी। उस बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी, जो पुलिस के लिए पहला खतरे का संकेत था। जब पुलिस ने बाइक पर सवार तीन लड़कों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात सतर्क जवानों ने तेजी दिखाते हुए तीनों को धर दबोचा।

यह कोई मामूली गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि श्रीनगर पुलिस ने एक बड़ी आतंकी वारदात को होने से पहले ही रोक दिया था।

कौन हैं ये तीन और क्या मिला इनके पास?

 

जब पुलिस ने इन तीनों की तलाशी ली, तो उनके होश उड़ गए। उनके पास से एक देसी कट्टा और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए। यह साफ था कि ये तीनों शहर में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में थे।

पकड़े गए संदिग्धों की पहचान खानयार के रहने वाले शाह मुतैयब और कामरान हसन शाह के रूप में हुई है। तीसरा लड़का, मोहम्मद नदीम, उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला है और फिलहाल खानयार में ही रह रहा था। पुलिस ने तुरंत खानयार पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट, यूएपीए और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है और अब इस बात की जांच कर रही है कि इनके तार कहाँ-कहाँ तक जुड़े हैं और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

यह सिर्फ एक घटना नहीं, एक बड़े खतरे का इशारा है

 

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, श्रीनगर में हुई यह गिरफ्तारी उस बड़े खतरे की एक छोटी सी झलक है, जो घाटी में फिर से सिर उठा रहा है। खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा लगभग छह महीने पहले चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' से कमजोर पड़ने के बाद, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन एक बार फिर से कश्मीर में इकट्ठा हो रहे हैं।

खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और उसके एसएसजी कमांडो की सीधी मदद से पूरे जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई हमले करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मकसद घाटी में आतंकवाद को फिर से जिंदा करना और अपने मारे गए आतंकियों का बदला लेना है।

ड्रोन और BAT टीम: आतंकियों के नए हथियार

 

एजेंसियों ने सितंबर से ही नियंत्रण रेखा (LoC) पर ड्रोन की गतिविधियों में भारी इजाफा देखा है। बताया जा रहा है कि लश्कर कमांडर शमशेर की यूनिट इन ड्रोन्स का इस्तेमाल भारतीय इलाकों की जासूसी करने, आत्मघाती हमलावरों के लिए सुरक्षित ठिकाने खोजने और शायद ड्रोन से ही विस्फोटक गिराकर हमला करने के लिए कर रही है।

इसके साथ ही, पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT), जिसमें आतंकी और पूर्व-एसएसजी कमांडो शामिल होते हैं, को भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय देखा गया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे सीमा पार से घुसपैठ कर भारतीय चौकियों पर घात लगाकर हमला करने की योजना बना रहे हैं।

PoK में सीक्रेट मीटिंग और स्लीपर सेल को जगाने का ऑर्डर

 

अक्टूबर के महीने में PoK में जमात-ए-इस्लामी, हिजबुल मुजाहिदीन और आईएसआई के अधिकारियों के बीच कई गुप्त बैठकें हुई हैं। इन बैठकों में कश्मीर में सोए पड़े आतंकी स्लीपर सेल्स को फिर से सक्रिय करने का प्लान बनाया गया। खबर है कि पुराने आतंकी कमांडरों को हर महीने पैसे दिए जा रहे हैं और उन्हें अपने पुराने नेटवर्क्स को फिर से जगाने का आदेश दिया गया है।

श्रीनगर पुलिस की इस कामयाबी ने भले ही एक हमले को टाल दिया हो, लेकिन खुफिया एजेंसियों की यह रिपोर्ट बताती है कि आने वाले दिन कश्मीर की शांति के लिए कितने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।